नई दिल्ली: दिल्ली सरकार ने नए साल 2026 की शुरुआत के साथ दिव्यांगजनों को बड़ी राहत दी है. गंभीर दिव्यांगता से जूझ रहे लोगों को अब हर महीने 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. अभी तक दिल्ली में दिव्यांग पेंशन के रूप में 3000 रुपये प्रतिमाह मिलते थे. नई योजना के तहत गंभीर श्रेणी में आने वाले दिव्यांगजनों को दोगुनी राशि दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इस कदम से ऐसे लोगों की देखभाल और इलाज में मदद मिलेगी.
दिल्ली सरकार का समाज कल्याण विभाग इस योजना को लागू करेगा. जनवरी महीने में इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया जाएगा. इसी पोर्टल के माध्यम से आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. यह योजना पर्सन्स विद बेंचमार्क डिसेबिलिटीज यानी PwBD श्रेणी के दिव्यांगजनों के लिए है. इसका लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है.
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि केवल दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर ही पेंशन नहीं दी जाएगी. इसके लिए दिव्यांगजन की पूरी मेडिकल जांच कराई जाएगी. सरकार एक स्कोरिंग सिस्टम लागू करेगी. डॉक्टरों की एक टीम बनाई जाएगी जो यह तय करेगी कि संबंधित व्यक्ति को कितनी मदद की जरूरत है. इसी मूल्यांकन के आधार पर सहायता दी जाएगी.
दिल्ली सरकार ने इस योजना का नोटिफिकेशन 1 अक्टूबर को जारी किया था. योजना का मुख्य उद्देश्य उन दिव्यांगजनों की मदद करना है जिन्हें इलाज, काउंसलिंग, फिजियोथेरेपी या अन्य थेरेपी पर नियमित खर्च करना पड़ता है. सरकार का मानना है कि इस आर्थिक सहायता से दिव्यांगजन अपनी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा कर सकेंगे.
पहले यह चर्चा थी कि यह राशि दिव्यांगजन की देखभाल करने वाले व्यक्ति को दी जाएगी. अब सरकार ने साफ कर दिया है कि पैसा सीधे दिव्यांगजन के बैंक खाते में ही आएगा. इस योजना का लाभ 60 प्रतिशत से 100 प्रतिशत तक दिव्यांगता वाले लोगों को ही मिलेगा. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सहायता सही व्यक्ति तक पहुंचे.
योजना की पात्रता शर्तें भी तय की गई हैं. आवेदक का कम से कम पांच साल से दिल्ली का निवासी होना जरूरी है और उसके परिवार की वार्षिक आय एक लाख रुपये से कम होनी चाहिए. आवेदक के पास दिल्ली का आधार कार्ड होना अनिवार्य है. साथ ही उसे गंभीर दिव्यांगता की श्रेणी में आना चाहिए. सरकार का दावा है कि यह योजना पारदर्शी और जरूरतमंदों के लिए फायदेमंद साबित होगी.