नई दिल्ली: NEET-UG 2026 पेपर लीक को लेकर राजधानी दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है. प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सरकार और दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच कानून के अनुसार की जा रही है.
जंतर-मंतर पहुंचे अरविंद केजरीवाल ने कहा कि संसद की ओर मार्च कर रहे छात्र शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन उनके अनुसार पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज किया और कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए. उन्होंने दावा किया कि कुछ प्रदर्शनकारियों के सिर पर चोटें आईं, जबकि कई के हाथ-पैर टूटने जैसी गंभीर चोटें पहुंचीं. केजरीवाल ने कहा कि छात्र केवल परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक रोकने की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी मांगों को सुनने के बजाय बल प्रयोग किया गया.
Reached mandir marg police station. Not 11, but 17 youth have been arrested here. Now 6 are being taken to parliament PS. After getting 11 released, we will proceed to parliament PS to get the balance 6 also released.
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) July 21, 2026
In the meanwhile, 60 have been released from ashok vihar
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए. उन्होंने बताया कि छात्रों और उनके परिवारों की मदद के लिए एक हेल्पलाइन शुरू की गई है. उनके अनुसार, इस हेल्पलाइन के जरिए मिली जानकारी के आधार पर उन्होंने विभिन्न पुलिस थानों का दौरा किया और कई छात्रों की रिहाई सुनिश्चित कराने का प्रयास किया. उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अभिभावकों को अपने बच्चों की स्थिति की जानकारी नहीं मिल पा रही थी.
दिल्ली पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग तस्वीर पेश की है. पुलिस के अनुसार, संसद मार्च के दौरान कुछ स्थानों पर पथराव, तोड़फोड़ और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की घटनाएं हुईं. पुलिस ने इन मामलों में पांच एफआईआर दर्ज की हैं. अधिकारियों का कहना है कि झड़पों में 118 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं. पुलिस सीसीटीवी, ड्रोन और बॉडी कैमरों की रिकॉर्डिंग सहित 250 से ज्यादा वीडियो की जांच कर रही है.
घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है. केजरीवाल ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक रोकने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई. वहीं दिल्ली पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जुटाया गया था या नहीं. फिलहाल मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर तय होगी.