नई दिल्ली: दिल्ली के लोधी कॉलोनी इलाके में मंगलवार सुबह एक मकान में भीषण आग लगने से दर्दनाक हादसा हो गया. इस घटना में एक महिला और उसकी दो बेटियों की मौत हो गई. आग बीके दत्त कॉलोनी स्थित एक मकान की तीसरी मंजिल पर लगी थी. हादसे के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी.
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार आग लगने की सूचना सुबह करीब 10 बजकर 21 मिनट पर मिली. सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर भेजी गईं. राहत और बचाव अभियान के दौरान एक वाटर टेंडर, एक वाटर बाउजर और एक ब्रीदिंग उपकरण वाहन की मदद से आग बुझाने का काम शुरू किया गया. करीब 11 बजकर 10 मिनट तक आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया.
दमकल कर्मियों ने जब तीसरी मंजिल की तलाशी ली तो वहां एक महिला और उसकी दो बेटियों के शव मिले. शुरुआती जांच में आग लगने के कारण का पता नहीं चल सका है. पुलिस और संबंधित एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी.
इसी दिन पश्चिमी दिल्ली के फतेह नगर इलाके में भी एक रिहायशी भवन के पार्किंग क्षेत्र में आग लगने की घटना सामने आई. यह हादसा तड़के करीब 3 बजकर 50 मिनट पर जेल रोड स्थित रणबीर बेकरी के पास हुआ. आग ने दो कारों, दो स्कूटरों और ग्राउंड प्लस तीन मंजिला इमारत के कुछ हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया.
राहत अभियान के दौरान इमारत में मौजूद आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. आग बुझाने के दौरान दो एलपीजी सिलेंडर भी फट गए, लेकिन राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ. आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी मौके पर बुलाया गया. करीब सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया. इस मामले में भी आग लगने के कारणों की जांच जारी है.
दिल्ली में हाल के महीनों में आग की कई गंभीर घटनाएं सामने आई हैं. इससे पहले जून में मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित एक गेस्ट हाउस में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें 23 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने राजधानी में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और भवनों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि घरों और इमारतों में अग्नि सुरक्षा उपायों का पालन करें, बिजली और गैस उपकरणों की नियमित जांच कराएं तथा किसी भी आपात स्थिति में तुरंत दमकल विभाग को सूचना दें.