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दिल्ली में फिर घिरी जहरीली धुंध, हवा में जहर, सांसों पर संकट; चेक करें आज का AQI

दिल्ली-एनसीआर में हवा एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है. मंगलवार सुबह सीपीसीबी ने दिल्ली का औसत एक्यूआई 333 दर्ज किया, जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है.

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Edited By: Reepu Kumari
दिल्ली में फिर घिरी जहरीली धुंध, हवा में जहर, सांसों पर संकट; चेक करें आज का AQI
Courtesy: GROK

नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का संकट दोबारा गहरा गया है. थोड़ी राहत के बाद राजधानी की हवा फिर से जहरीली हो गई है और सुबह से शहर स्मॉग की मोटी परत में लिपटा दिखाई दिया. सीपीसीबी के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का औसत AQI 333 दर्ज किया गया है, जो साफ तौर पर हवा की 'बहुत खराब' स्थिति को दर्शाता है.

राजधानी के कई इलाके ऐसे हैं जहां मंगलवार सुबह हवा का स्तर और भी खतरनाक मिला. चांदनी चौक, बवाना और विवेक विहार जैसे क्षेत्रों में AQI 390 से ऊपर दर्ज हुआ, जो गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है. NCR के शहरों में भी हालात सामान्य नहीं हैं और कई स्थानों पर AQI 300 से ऊपर नोट किया गया है.

दिल्ली के कई इलाकों में हालात खतरनाक

राजधानी के कई हिस्सों में मंगलवार सुबह प्रदूषण का स्तर बेहद चिंताजनक रहा. चांदनी चौक में AQI 397 दर्ज किया गया, जबकि बवाना में 390, विवेक विहार में 392 और आनंद विहार में 383 तक पहुंच गया. इन सभी आंकड़ों के अनुसार हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है.

NCR के शहर भी विकराल प्रदूषण की चपेट में

नोएडा सेक्टर-62 में AQI 299 के करीब रहा, जबकि इंदिरापुरम में 344 और गाजियाबाद वसुंधरा में 239 दर्ज किया गया. गुरुग्राम सेक्टर-51 में हवा का स्तर 308 देखने को मिला, वहीं फरीदाबाद में AQI 282 तक पहुंचा. यह सभी आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली के आसपास के शहर भी प्रदूषण की मार झेल रहे हैं.

सीपीसीबी के मानकों के अनुसार हवा की स्थिति

सीपीसीबी मानकों के अनुसार AQI 301 से 400 तक 'बहुत खराब' मानी जाती है, जो सांस की बीमारियों, अस्थमा और एलर्जी की समस्याओं को बढ़ा सकती है. वहीं 401 से 500 के बीच AQI 'गंभीर' श्रेणी में आता है. कई इलाकों में AQI गंभीर के करीब पहुंचना लोगों के लिए चेतावनी मानी जा रही है.

दो दिन की राहत के बाद फिर बिगड़े हालात

पिछले दो दिनों में राजधानी की हवा में थोड़ी सुधार हुआ था, लेकिन मंगलवार को अचानक प्रदूषण का स्तर उछला. विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव, कम हवा की गति और बढ़ते उत्सर्जन ने मिलकर स्थिति को बिगाड़ा है. इससे स्मॉग की परत और अधिक घनी हो गई है.

स्वास्थ्य पर पड़ रहा गंभीर असर

प्रदूषण के इस स्तर पर डॉक्टरों ने संवेदनशील लोगों के लिए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारी वाले लोगों को बाहर जाने से बचने की चेतावनी दी गई है. हवा में मौजूद सूक्ष्म कण लंबे समय तक शरीर में जाकर फेफड़ों पर बुरा असर डाल सकते हैं.

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