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India Daily

73 महिला कमांडो की मेहनत लाई रंग, छत्तीसगढ़ के 7 गांव के अब हर बाइक सवार पहन रहा हेलमेट

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के सात गांवों को मॉडल हेलमेट ग्राम बनाया गया है. 73 महिला कमांडो की जागरूकता मुहिम के बाद सभी 1,103 दोपहिया वाहन चालक नियमित रूप से हेलमेट पहनने लगे हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
73 महिला कमांडो की मेहनत लाई रंग, छत्तीसगढ़ के 7 गांव के अब हर बाइक सवार पहन रहा हेलमेट
Courtesy: Pinterest (Representative image)

बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर शुरू किया गया विशेष अभियान अब पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बन गया है. दुर्ग रेंज के आईजी अभिषेक शांडिल्य के मार्गदर्शन और पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के नेतृत्व में सात गांवों को 'मॉडल हेलमेट ग्राम' के रूप में विकसित किया गया है. इस अभियान के तहत इन गांवों के सभी 1,103 दोपहिया वाहन चालक अब नियमित रूप से हेलमेट पहनकर वाहन चला रहे हैं. इससे इन गांवों में 100 प्रतिशत हेलमेट उपयोग सुनिश्चित हो गया है.

इस अभियान की सबसे बड़ी खासियत 73 महिला कमांडो की सक्रिय भागीदारी रही. महिला कमांडो ने गांव गांव और घर घर जाकर लोगों से संपर्क किया. उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों को सड़क दुर्घटनाओं के खतरे, हेलमेट के महत्व और सुरक्षित यात्रा के बारे में विस्तार से जानकारी दी. लोगों को बताया गया कि हेलमेट केवल नियम का पालन नहीं, बल्कि जीवन बचाने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका है. जिन लोगों के पास हेलमेट नहीं था, उन्हें हेलमेट खरीदने के लिए भी प्रेरित किया गया.

कहां-कहां चलाया गया यह अभियान?

यह अभियान गुंडरदेही विकासखंड के जेवरतला और सिद्दी, बालोद विकासखंड के बोरी और खैरवाही तथा डौंडीलोहारा विकासखंड के अन्नूटोला, कसही बोरी और जामुलवाही गांवों में चलाया गया. लगातार जनजागरूकता अभियान, पुलिस की निगरानी और ग्रामीणों के सहयोग का परिणाम यह रहा कि इन सातों गांवों के सभी 1,103 दोपहिया वाहन चालक अब हेलमेट पहनकर ही वाहन चला रहे हैं. प्रशासन ने इसे सड़क सुरक्षा की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया है.

किसका रहा योगदान?

इस अभियान को सफल बनाने में पद्मश्री सम्मान से सम्मानित शमशाद बेगम, जो महिला कमांडो सहयोगी जन कल्याण समिति की अध्यक्ष हैं, उनकी भी अहम भूमिका रही. उनके मार्गदर्शन और महिला कमांडो की मेहनत से हेलमेट पहनने की आदत को जनआंदोलन का रूप देने में सफलता मिली. अभियान के दौरान लोगों को सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने के लिए भी लगातार जागरूक किया गया.

बालोद पुलिस का यह अभियान दिखाता है कि प्रशासन, पुलिस और आम जनता की साझी भागीदारी से सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जा सकता है. अब पुलिस विभाग इस मॉडल को जिले के अन्य क्षेत्रों में भी लागू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग हेलमेट पहनने की आदत अपनाएं और सड़क हादसों में होने वाली मौतों तथा गंभीर चोटों को कम किया जा सके.