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गांव की दीवारें बनेंगी ज्ञान की पाठशाला, बिना मोबाइल और इंटरनेट बढ़ रहा बच्चों का ज्ञान

ग्रामीण विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सेलर ने अनूठी पहल शुरू की है. गांव की दीवारों पर सामान्य ज्ञान के प्रश्न लिखे जा रहे हैं, जिन्हें पढ़ते हुए बच्चे रोजाना अपनी तैयारी मजबूत कर सकेंगे.

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Edited By: Shanu Sharma
गांव की दीवारें बनेंगी ज्ञान की पाठशाला, बिना मोबाइल और इंटरनेट बढ़ रहा बच्चों का ज्ञान
Courtesy: AI

ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायत सेलर ने एक अभिनव अभियान शुरू किया है. सरपंच धनंजय सिंह के नेतृत्व में गांव के स्कूल से लेकर मुख्य गुड्डी तक की दीवारों पर सामान्य ज्ञान से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न लिखे जा रहे हैं. इस अनूठी पहल का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी प्रतिदिन स्कूल आते-जाते इन प्रश्नों को पढ़ें और बिना अतिरिक्त समय निकाले सामान्य ज्ञान का नियमित अभ्यास कर सकें.

ग्राम पंचायत का मानना है कि यदि विद्यार्थियों को बचपन से ही सामान्य ज्ञान के विविध विषयों से परिचित कराया जाए तो भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं में उन्हें बड़ी सफलता मिल सकती है. यही सोच इस अभियान की प्रेरणा बनी है.

हर 60 दिन बाद बदलेंगे प्रश्न

इस पहल की सबसे खास बात यह है कि दीवारों पर लिखे गए प्रश्न स्थायी नहीं रहेंगे. प्रत्येक 60 दिन बाद पुराने प्रश्न हटाकर नए प्रश्न लिखे जाएंगे. इससे विद्यार्थियों को लगातार नई जानकारी प्राप्त होगी और उनका ज्ञान एक ही विषय तक सीमित नहीं रहेगा. इन प्रश्नों में इतिहास, भूगोल, विज्ञान, भारतीय संविधान, खेल, संस्कृति तथा समसामयिक घटनाओं जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया जाएगा. नियमित रूप से बदलते प्रश्न विद्यार्थियों की जिज्ञासा बनाए रखेंगे और उन्हें विभिन्न क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा.

हर दो माह होगी सामान्य ज्ञान परीक्षा

ग्राम पंचायत ने केवल दीवार लेखन तक ही इस अभियान को सीमित नहीं रखा है. निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक दो माह में कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों की सामान्य ज्ञान परीक्षा आयोजित की जाएगी. परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित और पुरस्कृत किया जाएगा. इस व्यवस्था से बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होगी. साथ ही वे नियमित अध्ययन के लिए प्रेरित होंगे और अपनी तैयारी का समय-समय पर आकलन भी कर सकेंगे. इस अभियान की एक और विशेषता यह है कि इसे पूरी तरह जनसहयोग से संचालित किया जा रहा है. दीवार लेखन के लिए किसी भी प्रकार की शासकीय राशि का उपयोग नहीं किया जा रहा है. भविष्य में गांव के अन्य स्थानों पर भी इसी प्रकार के सामान्य ज्ञान के प्रश्न लिखने की योजना बनाई गई है.