रायपुर: छत्तीसगढ़ के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 जुलाई 2026 से बड़ी राहत मिलने जा रही है. राज्य में बिजली बिल के लेट पेमेंट सरचार्ज का नियम बदलने वाला है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं से पूरे महीने का सरचार्ज लेने की बजाय केवल जितने दिन की देरी होगी, उतने दिनों का ही अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा.
इससे खास तौर पर उन लोगों को फायदा मिलेगा जिनका बिजली बिल किसी कारण एक या दो दिन की देरी से जमा हो जाता है. यह फैसला छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने नई बिजली दरों के साथ लागू किया है. इसका उद्देश्य लेट पेमेंट सरचार्ज को अधिक न्यायसंगत बनाना और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करना है.
अब तक लागू नियम के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता बिल की अंतिम तारीख के बाद सिर्फ एक दिन की भी देरी से भुगतान करता था, तो उसे पूरे महीने का 1.5 प्रतिशत लेट पेमेंट सरचार्ज देना पड़ता था. चाहे देरी एक दिन की हो या 20 दिन की, सरचार्ज पूरे महीने के हिसाब से ही वसूला जाता था. इस कारण कई उपभोक्ताओं को छोटी सी देरी पर भी अधिक रकम चुकानी पड़ती थी.
नई व्यवस्था में यह नियम पूरी तरह बदल जाएगा. अब प्रतिदिन 0.04 प्रतिशत की दर से सरचार्ज लगाया जाएगा. यानी उपभोक्ता जितने दिन देरी करेगा, केवल उतने दिनों का ही अतिरिक्त शुल्क देना होगा. यदि कोई उपभोक्ता 30 दिन बाद बिल जमा करता है, तब भी कुल सरचार्ज 1.2 प्रतिशत ही बनेगा, जो पहले के 1.5 प्रतिशत से कम है.
उदाहरण के तौर पर यदि किसी उपभोक्ता का बिजली बिल 5,000 रुपये है, तो पुराने नियम में सिर्फ एक दिन की देरी पर भी 75 रुपये का सरचार्ज देना पड़ता था. वहीं नए नियम में एक दिन की देरी पर लगभग 2 रुपये, पांच दिन की देरी पर करीब 10 रुपये, 10 दिन की देरी पर लगभग 20 रुपये और 30 दिन की देरी पर करीब 60 रुपये अतिरिक्त देने होंगे.
नई व्यवस्था से उन उपभोक्ताओं को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी जो समय पर बिल भरने की कोशिश करते हैं, लेकिन किसी तकनीकी समस्या, बैंक अवकाश या अन्य कारणों से एक-दो दिन की देरी हो जाती है. इससे अनावश्यक आर्थिक बोझ कम होगा और बिजली बिल भुगतान व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक पारदर्शी और उपभोक्ता हितैषी बनेगी.