रायपुर: छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले से एक बेहद ही हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. आपातकालीन सेवा डायल 112 में तैनात चालक पर कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगा है, जिसके बाद से प्रशासनिक व्यवस्था पर तमाम तरह के सवाल खड़े हो गए हैं. बांकी मोंगरा थाना क्षेत्र में हुई इस घटना से लोग भी सन्न हैं. सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए और त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, डायल 112 वाहन में पदस्थ एक चालक ने अपने चार दोस्तों के साथ मिलकर युवती को किसी बहाने से बांकी मोंगरा स्थित एसईसीएल के एक खाली मकान में बुलाया. आरोप है कि वहां युवती के साथ बारी बारी से दुष्कर्म किया गया. इस मामले में कुल पांच आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आई है, जिनमें सरकारी आपात सेवा से जुड़ा चालक भी शामिल है.
घटना की भनक लगते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया. डायल 112 जैसी संवेदनशील सेवा से जुड़े कर्मचारी का नाम सामने आने के बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया. पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई. इसके बाद परिजन सीधे पुलिस के पास पहुंचे.
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पीड़िता को तुरंत मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. वहां डॉक्टरों की टीम ने आवश्यक चिकित्सकीय जांच की. पुलिस ने पीड़िता का बयान दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की. अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता को हर संभव चिकित्सकीय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है.
प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है. उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. गैंगरेप में शामिल तीन अन्य आरोपी घटना के बाद से फरार बताए जा रहे हैं. उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग अलग पुलिस टीमें गठित की गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.
इस घटना ने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और आंतरिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. अधिकारियों का कहना है कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्तर से मामले की निगरानी की जा रही है ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी रहे. प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.