कवर्धा: छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां समर्थन मूल्य पर खरीदे गए करीब 7 करोड़ रुपये के धान के गायब होने की बात सामने आई है. इस मामले में अधिकारियों का दावा है कि धान न तो चोरी हुआ है और न ही बेचा गया है, बल्कि इसे चूहे, दीमक और कीड़ों ने खा लिया है. इस दलील के बाद प्रदेश की धान संग्रहण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
यह मामला कवर्धा जिले के बाजार चारभाठा और बघर्रा धान संग्रहण केंद्रों से जुड़ा है. जानकारी के अनुसार वर्ष 2024-25 में इन केंद्रों पर कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान खरीदा गया था. जांच के दौरान 26 हजार क्विंटल धान की कमी पाई गई. अकेले बाजार चारभाठा केंद्र से 22 हजार क्विंटल धान गायब बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है.
कवर्धा में 7 करोड़ रुपये का धान गायब, 22 हजार क्विंटल धान लापता...आखिर जिम्मेदार कौन?
— INC Chhattisgarh (@INCChhattisgarh) January 8, 2026
सरकारी संग्रहण केंद्र से इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना क्या साधारण लापरवाही है या सुनियोजित घोटाला? pic.twitter.com/IZ6Zeq955w
जिला विपणन अधिकारी अभिषेक मिश्रा ने कहा कि धान में आई कमी मौसम के प्रभाव और चूहे, दीमक व कीड़ों के कारण हुई है. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश के अन्य जिलों की तुलना में कवर्धा जिले की स्थिति बेहतर है. अधिकारियों के इस बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया है, क्योंकि इसे अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है.
मामले में नया मोड़ तब आया, जब बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र के प्रभारी पर गंभीर आरोप दर्ज किए गए. आरोप है कि उन्होंने डैमेज धान खरीदी के फर्जी बिल बनाए, धान की आवक जावक में फर्जी एंट्री की, मजदूरों की फर्जी हाजिरी लगाई और CCTV कैमरों से छेड़छाड़ की. प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद संबंधित प्रभारी को पद से हटा दिया गया है.
नियमों के अनुसार यदि धान की मात्रा 2 प्रतिशत से अधिक कम पाई जाती है, तो पहले निलंबन और जांच तथा उसके बाद एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि यदि धान वास्तव में चूहे और दीमक ने खा लिया, तो फर्जी बिल और एंट्री किसने की. CCTV से छेड़छाड़ क्यों की गई और कर्मचारी को हटाने की जरूरत क्यों पड़ी.