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नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को मिली एक और बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली ढेर

नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को एक और बड़ी सफलता मिली है. इस मुठभेड़ में 10 लाख का इनामी नक्सली ढेर हो गया है.

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Edited By: Antima Pal
नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षाबलों को मिली एक और बड़ी सफलता, 10 लाख के इनामी नक्सली ढेर
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बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों को एक और बड़ी सफलता मिली है. 26 फरवरी की सुबह जांगला थाना क्षेत्र के जैगुर-डोडुम इलाके में हुई मुठभेड़ में दो इनामी माओवादी कैडर मारे गए. दोनों पर कुल 10 लाख रुपये का इनाम था, यानी प्रत्येक पर 5-5 लाख का.

सुरक्षाबलों को मिली एक और बड़ी सफलता

पुलिस के अनुसार इंद्रावती नदी के आसपास के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की खास सूचना मिलने पर 25 फरवरी की शाम से ही संयुक्त अभियान शुरू किया गया था. इसमें डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG), बस्तर फाइटर्स, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), CRPF और CoBRA की टीमें शामिल थीं. 26 फरवरी सुबह करीब 6 बजे से सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो कुछ समय तक जारी रही. 

दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद

फायरिंग रुकने के बाद जब सर्च ऑपरेशन चलाया गया, तो मुठभेड़ वाली जगह से दो वर्दीधारी माओवादियों के शव बरामद हुए. उनकी पहचान भैरमगढ़ एरिया कमेटी के सक्रिय सदस्यों के रूप में हुई - हिचामी मडडा और मनकी पोडियम. दोनों ही कैडर काफी समय से इलाके में सक्रिय थे और विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहे थे. मौके से काफी मात्रा में हथियार और नक्सली सामग्री जब्त की गई. इसमें एक SLR राइफल, एक INSAS राइफल, एक 12 बोर बंदूक, हैंड ग्रेनेड, देशी ग्रेनेड, डेटोनेटर, विस्फोटक सामग्री, दवाइयां और अन्य चीजें शामिल हैं. यह जब्ती नक्सलियों की ताकत को कमजोर करने में महत्वपूर्ण साबित होगी.

आसपास के इलाकों में लगातार चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा कि जिले में आम जनता की सुरक्षा के लिए सुरक्षा बल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. आसपास के इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं, ताकि नक्सल गतिविधियां पूरी तरह खत्म हो सकें. बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पट्टलिंगम ने मारे गए नक्सलियों के अलावा अन्य सक्रिय कैडरों को भी हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में आने की अपील की. 

उन्होंने कहा कि पूर्व में कई कैडर जैसे बरसे देवा, रूपेश, रनीता, राजमन, राजू सलाम, देवजी, संग्राम, भूपति, वेंकटेश आदि ने हथियार डाल दिए हैं. अब भी हथियार और हिंसा से जुड़े रहने का कोई मतलब नहीं है. सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के लिए बेहतर जीवन और पुनर्वास की पूरी व्यवस्था कर रही है. यह मुठभेड़ छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है, जहां इस साल अब तक कई एनकाउंटर हो चुके हैं. सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई से नक्सली क्षेत्रों में दबाव बढ़ रहा है और कई कैडर सरेंडर भी कर रहे हैं.