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छत्तीसगढ़ के इस गांव में हफ्तेभर पहले से शुरू हो जाती है होली, अप्रिय घटनाओं के कारण शुरू हुई परंपरा आज भी है बरकरार

जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित अमरपुर गांव में मनाई जाने वाली यह होली दूर-दूर तक प्रसिद्ध हो चुकी है. दूर-दराज से लोग इस होली को देखने आते हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
छत्तीसगढ़ के इस गांव में हफ्तेभर पहले से शुरू हो जाती है होली, अप्रिय घटनाओं के कारण शुरू हुई परंपरा आज भी है बरकरार
Courtesy: @MyGov_UP

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में स्थित अमरपुर गांव अपनी अनूठी परंपरा के लिए पूरे क्षेत्र में प्रसिद्ध है, जहां एक ओर पूरे देश में होली भारतीय पंचांग के अनुसार मनाई जाती है, वहीं अमरपुर गांव में दशकों से एक अलग ही परंपरा निभाई जा रही है. यहां होली मुख्य तिथि से पहले ही मनाई जाती है.

गांव में पहले पूजा कर होलिका दहन किया गया फिर बच्चों और बुजुर्गों ने जमकर होली खेली. मंजीरे और ढोलक की ताल पर पूरा गांव झूम उठा. आसपास के ग्रामीण भी इस अनोखी परंपरा को देखने और होली खेलने के लिए अमरपुर पहुंचे.

अनहोनी के डर से शुरू हुई परंपरा

गांव के बुजुर्ग बताते हैं कि वर्षों पहले गांव में कुछ अप्रिय घटनाएं हुई थीं तब पूर्वजों ने मान्यता के आधार पर होली मनाने की शुरुआत की. मान्यता है कि यदि समय से पहले होली नहीं मनाई गई तो गांव में किसी न किसी प्रकार की अनहोनी हो सकती है.

गांव के सरपंच लाल मन सिंह ने बताया कि गांव में वर्षों पहले कुछ अप्रिय घटनाएं हुई थीं, तब से हमारे पूर्वजों ने एक सप्ताह पहले होनी मनाने की परंपरा शुरू की. आज भी पूरा गांव एकजुट होकर इसे निभा रहा है.

बुजुर्ग बताते हैं कि उन्होंने अपने पूर्वजों को इस परंपरा को निभाते हुए देखा और अब नई पीढ़ी भी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ उसी परंपरा को आगे बढ़ा रही है. गांव में पहले एक सामूहिक बैठक कर होली की तैयारियां की जाती हैं. इसके बाद पूरे गांव में साथ मिलकर होली का त्योहार मनाया जाता है.

12 किमी दूर से जुटती है भीड़

जिला मुख्यालय बैकुंठपुर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित अमरपुर गांव में मनाई जाने वाली यह होली दूर-दूर तक प्रसिद्ध हो चुकी है. दूर-दराज से लोग इस होली को देखने आते हैं. होली के दौरान पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ जुलूस निकाला जाता है इसके बाद देवल्ला में पूजा-अर्चना कर ग्रामीण एक-दूसरे को गुलाल लगाकर शुभकामनाएं देते हैं. इस वर्ष जहां भारतीय कैलेंडर के अनुसार, 3 मार्च को होली मनाई जाएगी, वहीं अमरपुर गांव में अभी से होली की धूमधाम शुरू हो गयी है.

अब नहीं होती अप्रीय घटना

अमरपुर गांव के लोगों का कहना है कि पहले होली मनाने से अब गांव में किसी प्रकार की अप्रिय घटना नहीं होती. यही वजह है कि दशकों से चली आ रही इस परंपरा को आज भी पूरी निष्ठा के साथ निभाया जा रहा है.

गांव के सरपंच ने कहा कि पूर्वजों द्वारा बनाई गई इस परंपरा का पालन गांव के लोग आज भी कर रहे हैं. गांव की सुख-समृद्धि के लिए यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी.

एक अन्य ग्रामीण राधिका ने कहा कि हम बचपन से देख रहे हैं कि हमारे गांव में होली एक हफ्ते पहले मनाई जाती है. बुजुर्गों का कहना है कि इससे गांव में कोई अनहोनी नहीं होती. हम सब मिलकर इस परंपरा को निभाते हैं.