समस्तीपुर रेल मंडल की आरपीएफ टीम को सूचना मिली थी कि स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस से शराब की खेप बिहार लाई जा रही है. ट्रेन नई दिल्ली से जयनगर की ओर जा रही थी और जानकारी मिली थी कि शराब एक युवती के सामान में रखी गई है.
सूचना मिलते ही आरपीएफ और सीआईबी की टीम सक्रिय हो गई. टीम ने ट्रेन को रास्ते में रोकने के बजाय समस्तीपुर स्टेशन पर कार्रवाई करने की योजना बनाई. जैसे ही ट्रेन स्टेशन पहुंची, जवान सीधे एच-1 एसी फर्स्ट क्लास कोच में पहुंचे और जांच शुरू कर दी.
तलाशी के दौरान पुलिस की नजर युवती के सामान पर गई. उसके पास मौजूद दो सूटकेसों की जांच की गई तो उनके अंदर शराब की बोतलें मिलीं. पुलिस के मुताबिक दोनों सूटकेसों से करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई. शराब मिलने के बाद युवती को सामान समेत ट्रेन से उतार लिया गया. इसके बाद बरामद शराब को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई.
मामले में केवल युवती ही नहीं, बल्कि उसके साथ एसी फर्स्ट क्लास में यात्रा कर रहे एक युवक को भी गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तार युवती की पहचान समस्तीपुर की रहने वाली नेहा कुमारी के रूप में हुई है, जबकि युवक की पहचान हरियाणा के करनाल निवासी ईशान कुमार के तौर पर बताई गई है.
#Bihar- A young man and a woman were apprehended at Samastipur Junction with approximately 75 liters of liquor in the AC First Class coach of the Swatantrata Senani Express. Reports indicate the alcohol was concealed within their luggage. It raises the question: if smugglers are… pic.twitter.com/uEDm372PU9
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) September 5, 2026
पुलिस की जांच अब केवल शराब बरामद होने तक सीमित नहीं है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी मात्रा में शराब नई दिल्ली से बिहार क्यों लाई जा रही थी और इसे आगे किस जगह पहुंचाया जाना था. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि शराब खरीदने से लेकर उसे बिहार पहुंचाने तक इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं.
बिहार में शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक है. इसके बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर बिहार में पहुंचाने के मामले सामने आते रहे हैं. तस्कर इसके लिए सड़क मार्ग के साथ-साथ रेल मार्ग का भी इस्तेमाल करने की कोशिश करते हैं. समस्तीपुर का यह मामला इसलिए चर्चा में है क्योंकि शराब की इतनी बड़ी खेप को सामान्य डिब्बे के बजाय एसी फर्स्ट क्लास के कोच में ले जाया जा रहा था.