पटना: बिहार की राजनीति में नेतृत्व परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है. राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के जरिए जनता से जुड़ रहे हैं. मंगलवार को बैजानी की जनसभा में नीतीश ने न केवल विकास कार्यों का बखान किया, बल्कि मंच पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति अपने आत्मीय व्यवहार से उनके भविष्य की बड़ी भूमिका का इशारा कर दिया.
बैजानी की सभा में नीतीश कुमार का व्यवहार काफी रणनीतिक रहा. कार्यक्रम के अंत में उन्होंने जनता से हाथ उठाने की अपील की. इसी बीच वे मंच पर मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं को पीछे छोड़ते हुए सीधे सम्राट चौधरी के पास पहुंचे. उन्होंने आत्मीयता से सम्राट की पीठ थपथपाई और दूसरे हाथ से भीड़ का अभिवादन किया. इस दृश्य को देखकर समर्थकों ने जमकर नारेबाजी की.
जानकार नीतीश कुमार के इस व्यवहार को महज शिष्टाचार नहीं मान रहे हैं. सम्राट चौधरी को जनता के सामने इस तरह पेश करना एक सोची-समझी योजना मानी जा रही है. इससे पहले सीमांचल की यात्रा में भी मुख्यमंत्री ने सम्राट को इसी तरह तरजीह दी थी. नीतीश कुमार अब सार्वजनिक रूप से सम्राट चौधरी को अपने उत्तराधिकारी के रूप में स्थापित करने का स्पष्ट मन बना चुके हैं.
इस सभा का एक दिलचस्प पहलू मंच का संचालन रहा. कार्यक्रम का संचालन कर रही महिला ने सम्राट चौधरी का परिचय देते समय उन्हें 'मुख्यमंत्री' कहकर संबोधित किया. गौर करने वाली बात यह थी कि उस समय असली मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं मंच पर मौजूद थे. राज्यसभा नामांकन के बाद से ही सम्राट चौधरी को समृद्धि यात्रा के हर मंच पर पहले से कहीं अधिक महत्व मिल रहा है.
नीतीश मंत्रिमंडल में सम्राट चौधरी का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है. शपथ ग्रहण के वरीयता क्रम में वे दूसरे स्थान पर हैं और गृह विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वे बिहार के पहले ऐसे गृह मंत्री हैं जो बीजेपी कोटे से आते हैं. समृद्धि यात्रा में नीतीश का उन्हें लगातार अपने साथ रखना साफ संदेश देता है कि शासन की कमान अब धीरे-धीरे नए नेतृत्व को सौंपी जा रही है.
मंच पर सम्राट के साथ जेडीयू के वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद थे. नीतीश ने गठबंधन और पार्टी के बीच संतुलन साधने की कोशिश की है. जहां सम्राट भविष्य के चेहरे के रूप में उभर रहे हैं, वहीं पुराने सहयोगियों को भी पूरा सम्मान मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने जनता को आश्वस्त किया कि केंद्र के सहयोग से राज्य में विकास की गति इसी तरह निरंतर बनी रहेगी.