पटना: बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है. बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक भर्ती के चौथे चरण यानी TRE 4.0 की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान कर दिया है. इस भर्ती अभियान में शिक्षा विभाग के तहत 32,388 रिक्त पद भरे जाएंगे. प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक अलग-अलग पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं. खास बात यह है कि इस बार चयन प्रक्रिया में बदलाव किया गया है. उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा भी देनी होगी.
TRE 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 1 सितंबर 2026 से होगी. अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे. आवेदन के साथ शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर तय की गई है. वहीं पूरा ऑनलाइन फॉर्म 30 सितंबर तक जमा किया जा सकेगा. आयोग ने अभ्यर्थियों को अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करने की सलाह दी है, ताकि तकनीकी परेशानी की स्थिति में आवेदन अधूरा न रह जाए.
इस भर्ती में सबसे ज्यादा 16,101 पद कक्षा 11 से 12 के शिक्षकों के लिए हैं. कक्षा 6 से 8 तक के लिए 8,563, कक्षा 9 से 10 तक 3,877 और कक्षा 1 से 5 तक 3,847 पद रखे गए हैं. इसके अलावा भर्ती प्रक्रिया में विशेष शिक्षक और हेडमास्टर से संबंधित पद भी शामिल हैं. अलग-अलग पदों की पात्रता और विभागीय नियमों के अनुसार उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.
प्राथमिक शिक्षक पद के लिए CTET पेपर-1 या BTET पेपर-1 पास होना जरूरी है. कक्षा 6 से 8 के लिए CTET पेपर-2 या BTET पेपर-2 की योग्यता मांगी गई है. कक्षा 9 से 10 के लिए STET पेपर-1 और कक्षा 11 से 12 के लिए STET पेपर-2 जरूरी होगा. एससी-एसटी कल्याण विभाग के स्कूलों और विशेष शिक्षकों के लिए भी संबंधित पात्रता नियम लागू होंगे.
TRE 4.0 में सामान्य तौर पर अधिकतम आयु सीमा 37 वर्ष निर्धारित है. पिछड़ा वर्ग और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुष व महिला उम्मीदवारों तथा अनारक्षित वर्ग की महिलाओं को 40 वर्ष तक की आयु सीमा मिलेगी. एससी और एसटी वर्ग के पुरुष एवं महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम उम्र 42 वर्ष रखी गई है. अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले अपनी श्रेणी और पद के अनुसार आयोग के नियम जरूर देख लेने चाहिए.
BPSC TRE 4.0 की सबसे महत्वपूर्ण बात परीक्षा पैटर्न में बदलाव है. इस बार चयन प्रक्रिया केवल प्रारंभिक परीक्षा तक सीमित नहीं रहेगी. उम्मीदवारों को पहले PT और उसके बाद मेंस परीक्षा देनी होगी. यानी शिक्षक बनने के लिए दो चरणों की लिखित परीक्षा से गुजरना होगा. नए पैटर्न को देखते हुए अभ्यर्थियों के लिए केवल प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी पर्याप्त नहीं होगी. उन्हें शुरुआत से ही मुख्य परीक्षा के स्तर की तैयारी पर भी ध्यान देना होगा.