पटना: वरिष्ठ नेता किशन चंद त्यागी ने 17 मार्च यानी आज जनता दल यूनाइटेड (JDU) छोड़ दी. यह फैसला पार्टी प्रमुख नीतीश कुमार की राज्यसभा चुनावों में जीत के ठीक एक दिन बाद आया.
इसके चलते राजनीतिक गलियारों में यह अटकलें शुरू हो गई हैं कि क्या त्यागी अब किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे या अपनी खुद की पार्टी बनाएंगे. सूत्रों के मुताबिक त्यागी अब उत्तर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होना चाहते हैं. आने वाले दिनों में त्यागी एक नई राजनीतिक पार्टी में शामिल होंगे.
"...The membership campaign of the JD(U) party has ended. This time, I have not renewed the membership in the party. Though my commitment to the larger and wider ideological points concerning the interests of downtrodden, peasants and agriculturalists, including the deprived… pic.twitter.com/VoCLmdbjcG
— ANI (@ANI) March 17, 2026
एक चिट्ठी में पूर्व सांसद ने कहा कि हाल ही में चले सदस्यता अभियान के खत्म होने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी की सदस्यता रिन्यू नहीं करवाई है. हालांकि उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों, दबे-कुचले और समाज के हाशिए पर पड़े तबकों की भलाई के प्रति उनकी प्रतिबद्धता जस की तस बनी हुई है.
त्यागी ने पार्टी की शुरुआत को याद करते हुए बताया कि JDU का गठन 30 अक्टूबर 2003 को जॉर्ज फर्नांडिस के नेतृत्व में समता पार्टी और जनता दल के विलय के बाद हुआ था. उन्होंने पार्टी के साथ अपने लंबे जुड़ाव पर रोशनी डालते हुए कहा कि उन्होंने शरद यादव और नीतीश कुमार जैसे नेताओं के साथ मुख्य महासचिव, मुख्य प्रवक्ता और राजनीतिक सलाहकार जैसे अहम सांगठनिक पदों पर रहकर करीब से काम किया है.
पार्टी छोड़ने के बावजूद त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार के प्रति उनका निजी सम्मान बरकरार है. उन्होंने नीतीश कुमार को करीब पांच दशकों से अपना पुराना साथी बताया.
उन्होंने यह भी बताया कि देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए 22 मार्च को मावलंकर हॉल में समान विचारधारा वाले लोगों जिनमें राजनीतिक सहयोगी, हमदर्द और कार्यकर्ता शामिल हैं उनकी एक बैठक बुलाई गई है. त्यागी ने कहा कि इस बैठक में होने वाली चर्चा के बाद ही उनके आगे के कदम तय किए जाएंगे.
उन्होंने कहा, 'मेरे कुछ दोस्त, राजनीतिक साथी, हमदर्द और कार्यकर्ता 22 मार्च 2026 को दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में देश की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने के लिए समान विचारधारा वाले लोगों की एक बैठक आयोजित कर रहे हैं. आगे की मेरी रणनीति सभी जरूरी लोगों से सलाह-मशविरा करके जल्द ही तय की जाएगी.'
अपनी वैचारिक बुनियाद को दोहराते हुए त्यागी ने कहा कि वह चरण सिंह, राम मनोहर लोहिया और कर्पूरी ठाकुर जैसे नेताओं से प्रेरणा लेते रहेंगे.