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बिहार में मौसम ने मचाई तबाही, किसानों के लिए उम्मीद बनी BRFSY और PMFBY योजनाएं; जानें मुआवजे के लिए कैसे करें आवेदन

बिहार में खराब मौसम से फसलें बर्बाद हुई हैं. किसानों को BRFSY और PMFBY योजनाओं के तहत मुआवजा मिल सकता है, जिसके लिए समय पर आवेदन जरूरी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बिहार में मौसम ने मचाई तबाही, किसानों के लिए उम्मीद बनी BRFSY और PMFBY योजनाएं; जानें मुआवजे के लिए कैसे करें आवेदन
Courtesy: Pinterest

पटना: बिहार में बेमौसम बारिश ने किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है. भारी बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि से रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है. खासकर खेतों में खड़ी मक्का, गेहूं और तिलहन की फसलों को हुए नुकसान से राज्य के अन्नदाताओं को भारी आर्थिक नुकसान होता दिख रहा है. कुछ इलाकों में कटाई के बाद सूखने के लिए छोड़ी गई फसलें बारिश की चपेट में आकर बर्बाद हो गई हैं. 

तेज तूफानों के कारण आम और लीची के पेड़ों पर आए बौर को भी नुकसान पहुंचा है. इसके अलावा केले की फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है. नतीजतन सरकारी तंत्र से किसानों की उम्मीदें बढ़ गई हैं, क्योंकि मुआवजा मिलने से उन्हें अपने आर्थिक नुकसान की भरपाई करने में मदद मिल सकती है.

बिहार के किसानों को क्या है उम्मीद?

बिहार के किसानों को उम्मीद है कि उन्हें 'बिहार राज्य फसल सहायता योजना' यानी BRFSY और 'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' यानी PMFBY के ज़रिए अपने नुकसान का मुआवजा मिलेगा. इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का आकलन करने वाली सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भी किसानों को मुआवज़ा मिल सकता है. 

लाभ उठाने के लिए क्या करना होगा?

इन योजनाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को सहकारिता विभाग या DBT कृषि पोर्टल के जरिए रजिस्ट्रेशन करवाना होगा. जिन किसानों ने पहले ही अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है, उन्हें दोबारा रजिस्ट्रेशन करवाने की जरूरत नहीं है. मुआवजे के लिए आवेदन के साथ आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज जमा करना जरूरी है. पराली जलाने के आरोपी किसानों को मुआवजे का लाभ मिलने से वंचित किया जा सकता है.

इस वेबसाइट पर करें आवेदन 

'प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना' का लाभ उन किसानों को मिलता है, जिन्होंने फसल बीमा कवर का विकल्प चुना है. जिन किसानों ने 'किसान क्रेडिट कार्ड' यानी KCC लोन लिया है, वे अपने-आप फसल बीमा योजना के तहत कवर हो जाते हैं. फसल को हुए नुकसान के मुआवजे का दावा करने के लिए, संबंधित बीमा कंपनी, बैंक या 'कॉमन सर्विस सेंटर' यानी CSC के ज़रिए दावा रिपोर्ट दर्ज करना जरूरी है. 

दावे सीधे पोर्टल: www.pmfby.gov.in पर भी दर्ज किए जा सकते हैं. किसी प्राकृतिक आपदा जैसे ओलावृष्टि, बाढ़ आदि की स्थिति में घटना के 72 घंटों के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य है. इसके बाद, संबंधित कंपनी उचित माध्यमों से दावे की जांच शुरू करती है.

कैसे फाइल करें?

फसल क्षति के लिए दावा फाइल करने हेतु, संबंधित बीमा कंपनी, बैंक, CSC यानी कॉमन सर्विस सेंटर या कृषि अधिकारी को सूचित करना अनिवार्य है. किसानों को अपना बीमा पॉलिसी नंबर, आधार विवरण, बैंक खाता जानकारी और फसल क्षति का विस्तृत विवरण प्रदान करना आवश्यक है. 

एक बार दावा फाइल हो जाने के बाद, अधिकारियों की एक टीम दावे की वैधता की पुष्टि करती है. दावा स्वीकृत होने पर, मुआवजे की राशि DBT (प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण) के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी जाती है.