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जमुई बाप-बेटे की काली कहानी, छेड़छाड़ का आरोपी नंदन का एनकाउंटर होते ही सामने आया पिता का 23 साल पुराना डबल मर्डर राज

जमुई में नाबालिगों के साथ हुई घटना ने जब पूरे इलाके को हिला दिया था, तभी इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बड़ा सुराग लग गया.

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Edited By: Reepu Kumari
जमुई बाप-बेटे की काली कहानी, छेड़छाड़ का आरोपी नंदन का एनकाउंटर होते ही सामने आया पिता का 23 साल पुराना डबल मर्डर राज
Courtesy: @_Attitude_Vini

Jamui Case: जमुई में नाबालिगों के साथ हुई घटना ने जब पूरे इलाके को हिला दिया था, तभी इसी मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ एक बड़ा सुराग लग गया. मुख्य आरोपी नंदन यादव के पिता गनौरी यादव का नाम एक ऐसे मामले से जुड़ा निकला, जो दो दशक से भी पुराना था. बात है साल 2003 की, जब प्रतापपुर गांव में दो भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. उस मामले में आरोपी बनाए गए गनौरी यादव तब से फरार चल रहे थे, जबकि बाकी सभी आरोपी जमानत पर बाहर आ चुके थे.

ठेके के विवाद में हुई थी दो भाइयों की हत्या

पुलिस के मुताबिक 3 अप्रैल 2003 को प्रतापपुर गांव में डीपी यादव और पुने यादव नाम के दो भाइयों की हत्या कर दी गई थी. यह घटना गांव में ठेके के काम को लेकर हुए विवाद के बाद सामने आई थी. भाइयों की मां संसारी देवी ने टाउन थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी, जिसमें गनौरी यादव को भी आरोपी बनाया गया था. उन पर हत्या, दंगा और आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगी हैं. मीडिया ब्री

बेटे की मुठभेड़ के अगले दिन पिता गिरफ्त में

यह गिरफ्तारी उस वक्त हुई जब गनौरी के 25 वर्षीय बेटे नंदन यादव को जमुई छेड़छाड़ मामले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगी थी. मंगलवार सुबह नदी किनारे तलाशी अभियान के दौरान नंदन ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की. पुलिस ने उसके पास से एक देसी पिस्तौल भी बरामद की.

सोशल मीडिया वीडियो से शुरू हुई थी कार्रवाई

यह पूरा मामला तब सामने आया जब जमुई में दो नाबालिगों से जुड़ी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. पुलिस के अनुसार एक लड़का और लड़की ट्यूशन के बाद पहाड़ी इलाके की ओर गए थे, जहां उन्हें घेरकर मारपीट की गई थी. वीडियो के आधार पर पुलिस ने नंदन की पहचान की और मामला पॉक्सो एक्ट व भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज किया गया. जांच के लिए विशेष जांच दल गठित किया गया है.

वीडियो वायरल करने वालों पर भी शिकंजा

इस पूरे घटनाक्रम में एक और आरोपी हरेराम यादव भी पुलिस कार्रवाई में घायल हुआ, जिसका नाम पहले भी एक लूट के मामले में सामने आ चुका था. वहीं वीडियो प्रसारित करने के मामले में जमुई साइबर थाने ने भी केस दर्ज किया है. पुलिस ने करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल चिन्हित किए हैं, जिनमें से तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है.