जमुई में नाबालिग लड़के और लड़की के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़खानी का वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडियो प्रसारित करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल के खिलाफ साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस ने अब तक तीन नाबालिग आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने देर रात मीडिया से बातचीत में बताया कि नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर कर वीडियो वायरल करना गंभीर अपराध है. पुलिस ने ऐसे करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल धारकों को आरोपी बनाया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि पीड़िता से जुड़ा वीडियो किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर या वायरल न करें.
एसपी ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई शुरू कर दी. उन्होंने बताया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो के प्रसारण को लेकर पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है.
जमुई में हुई घटना को लेकर एडीजी लॉ एंड ऑर्डर केएस अनुपम ने पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि मामले में अब तक तीन नाबालिगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें दो आरोपियों की उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है.
पुलिस के अनुसार जमुई थाने में BNSS की धारा 128, 74 और 75 के साथ POCSO एक्ट की धारा 8 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच के लिए SIT का गठन किया गया है. इसकी निगरानी जमुई SDPO के नेतृत्व में की जा रही है.
एडीजी के मुताबिक घटना जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग से करीब तीन किलोमीटर दूर पहाड़ी इलाके में शाम करीब 6:25 से 6:30 बजे के बीच हुई. पुलिस घटना वाले स्थान पर पेट्रोलिंग व्यवस्था की भी जांच करेगी. जांच के दौरान फिलहाल 7 से 8 युवकों के नाम सामने आए हैं. पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी व्यक्ति घटना में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी. आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है.
एसपी ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. पुलिस मुख्य आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की बात कह रही है. साथ ही वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई जारी है.
पुलिस ने लोगों से खास तौर पर अपील की है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान सामने लाने वाले किसी भी वीडियो, फोटो या पोस्ट को आगे शेयर न करें. ऐसे कंटेंट को प्रसारित करना भी कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है.