बिहार की राजधानी पटना में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के बयान से विवाद हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा, 'मोदी का बाप भी जाएगा.' यह टिप्पणी वहां मौजूद एक व्यक्ति के जवाब में की गई.
#WATCH | A ruckus broke out during Congress national president Mallikarjun Kharge's address at the 139th birth anniversary celebration of Dr. Shri Krishna Singh in Patna, Bihar A person present at the event said that PM Modi would not go anywhere, Kharge responded, "Modi ka baap bhi jayega."
— ANI (@ANI) October 25, 2026
कार्यक्रम के दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि पीएम मोदी कहीं नहीं जाएंगे. इसके बाद खरगे ने विवादित टिप्पणी की. इस दौरान हंगामा हुआ और हाथापाई जैसी स्थिति बन गई. खबर के मुताबिक, कांग्रेस कार्यकर्ता उस व्यक्ति के साथ मारपीट करते भी नजर आए.
IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, युवक की पहचान छपरा निवासी संतोष कुमार के रूप में हुई है. बताया गया कि वह खुद को कांग्रेस समर्थक बता रहा था और खरगे के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की थी. उसने कथित तौर पर कहा कि इस तरह की राजनीतिक लड़ाई से मोदी सत्ता से नहीं हटेंगे. इस पर खरगे ने जवाब दिया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया.
सभागार से बाहर निकाले जाने के बाद संतोष कुमार ने मीडिया से कहा कि कुछ लोगों ने गलतफहमी में उसे बीजेपी का समर्थक समझ लिया. उसके मुताबिक, वह कह रहा था कि जब तक देश में विद्रोह नहीं होगा, तब तक मोदी नहीं जाएंगे, लेकिन लोगों ने उसे ही पीट दिया.
कार्यक्रम में खरगे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के खिलाफ चल रहे विरोध को “आजादी की दूसरी लड़ाई” बताया. उन्होंने इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने, भविष्य के चुनाव बैलेट पेपर से कराने और पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनाव रद्द करने की मांग की.
खरगे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में बदलाव के जरिए विपक्षी समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं. उन्होंने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र में चुनावी प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए. हालांकि, ये खरगे के राजनीतिक आरोप हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की विचारधारा देश में विभाजन को बढ़ावा देती है. उन्होंने कहा कि जब तक RSS की विचारधारा समाप्त नहीं होगी, तब तक देश में शांति नहीं आएगी. खरगे ने लोगों से संविधान की रक्षा करने, अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील भी की.
खरगे ने बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने कृषि, उद्योग, शिक्षा और सिंचाई के विकास के जरिए आधुनिक बिहार की नींव मजबूत की थी.
इस दौरान उन्होंने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा. खरगे ने कहा कि नीतीश कभी राम मनोहर लोहिया और जयप्रकाश नारायण जैसे समाजवादी नेताओं के साथ खड़े थे, लेकिन अब बीजेपी के साथ हैं. उन्होंने इसे नीतीश की पुरानी राजनीतिक विचारधारा से विरोधाभास बताया.
खरगे की टिप्पणी पर बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने खरगे के बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस पर अपमानजनक भाषा की राजनीति करने का आरोप लगाया.
अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि देश की जनता इस तरह के व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगी. बीजेपी ने इस टिप्पणी को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा, जबकि पटना के कार्यक्रम में हुआ विवाद राजनीतिक बयानबाजी के बीच चर्चा का विषय बन गया.