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India Daily

'जीतेंगे तो देंगे 10 हजार नौकरियां', जन सुराज ने जारी की MLC कैंडिडेट लिस्ट; प्रशांत किशोर ने किए बड़े वादे

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने ताल ठोक दी है. पटना में उम्मीदवारों की घोषणा करते हुए प्रशांत किशोर ने बड़ा चुनावी दांव चला.

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Edited By: Reepu Kumari
'जीतेंगे तो देंगे 10 हजार नौकरियां', जन सुराज ने जारी की MLC कैंडिडेट लिस्ट; प्रशांत किशोर ने किए बड़े वादे
Courtesy: Pinterest

पटना: बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक सीटों पर होने वाले आगामी चुनावों को लेकर राज्य का सियासी पारा तेजी से चढ़ने लगा है. सभी प्रमुख राजनीतिक दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. इसी बीच जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने एक ऐसा बड़ा कार्ड खेला है, जिसने एनडीए और महागठबंधन दोनों की चिंता बढ़ा दी है. चुनाव मैदान में उतरने के साथ ही उन्होंने युवाओं से जुड़ा एक लुभावना वादा कर दिया है.

चुनावी मैदान में नौकरी कार्ड से एंट्री

विधान परिषद चुनाव के लिए जन सुराज ने अपने पांच प्रमुख उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है, जबकि तीन सीटों पर जल्द नाम सामने आएंगे. प्रत्याशियों के ऐलान के साथ प्रशांत किशोर ने कहा कि जिस सीट पर जन सुराज का उम्मीदवार जीत हासिल करेगा, वहां के 10 हजार शिक्षित युवाओं को पार्टी की तरफ से रोजगार मुहैया कराया जाएगा. यह ऐलान सीधे तौर पर युवा और शिक्षक मतदाताओं को प्रभावित कर रहा है.

इन प्रमुख नामों पर खेला दांव

पार्टी ने पटना शिक्षक सीट से दिव्य ज्योति और सारण शिक्षक सीट से अफाक अहमद को मैदान में उतारा है. वहीं, कोशी स्नातक सीट से रजनीश रंजन, दरभंगा शिक्षक सीट से सुरेश राय और दरभंगा स्नातक सीट से रवींद्र कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया गया है. बाकी बची तीन सीटों पर उम्मीदवारों के नाम अगले चार दिनों में तय कर दिए जाएंगे, जिससे साफ है कि पार्टी सभी आठ सीटों पर मजबूती से चुनाव लड़ेगी.

सत्ताधारी गठबंधन में बढ़ता अंदरूनी तनाव

चुनाव से ठीक पहले एनडीए के भीतर क्या स्थिति देखने को मिल रही है वह भी जान लेते हैं. पटना स्नातक सीट पर तीन बार से जेडीयू विधायक नीरज कुमार का कब्जा रहा है, लेकिन बाहुबली अनंत सिंह द्वारा निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किए जाने के बाद स्थिति उलझ गई है. गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच चल रही जुबानी जंग ने विपक्षी खेमे को बैठे-बिठाए हमला करने का मौका दे दिया है.

विपक्ष के खेमे में भी बढ़ी तल्खी

दूसरी तरफ महागठबंधन के अंदर भी सीटों के बंटवारे और उम्मीदवारों को लेकर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. राष्ट्रीय जनता दल द्वारा एकतरफा अपने प्रत्याशियों की सूची जारी किए जाने से कांग्रेस के शीर्ष नेता नाराज बताए जा रहे हैं. ऐसे नाजुक वक्त में प्रशांत किशोर की जन सुराज की एंट्री ने इस बहुकोणीय मुकाबले को और भी ज्यादा कड़ा और अनिश्चित बना दिया है.