गया-पटना रेलखंड पर बढ़े जलस्तर ने दैनिक रेल यात्रियों की परेशानी बढ़ा दी है. पुनपुन-पटना के बीच डाउन लाइन पर चार सितंबर की रात से ट्रेन परिचालन बंद है. अब रेलवे ने सात सितंबर के लिए गया और पटना के बीच चलने वाली कई मेमू ट्रेनों को रद्द कर दिया है. इसका सीधा असर नौकरी, कारोबार और पढ़ाई के लिए रोज सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा. रेलवे की इंजीनियरिंग टीम पुल की सुरक्षा और जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही है.
रेलवे के छह सितंबर के परिचालन आदेश के मुताबिक, सात सितंबर को गया से पटना जाने वाली 63242, 63244, 63248, 63256 और 63250 मेमू नहीं चलेंगी. पटना से गया आने वाली 63245, 63247, 63251 और 63253 मेमू भी रद्द रहेंगी. इसके अलावा पटना-रघुनाथपुर मेमू 63274 को भी रद्द किया गया है. इससे रोज यात्रा करने वाले यात्रियों के सामने वैकल्पिक साधनों का विकल्प तलाशने की चुनौती होगी.
गया से पटना और बीच के स्टेशनों तक बड़ी संख्या में कर्मचारी और विद्यार्थी मेमू ट्रेनों से सफर करते हैं. कम किराये और नियमित सेवा के कारण इन ट्रेनों पर दैनिक यात्रियों की निर्भरता ज्यादा है. कई सेवाएं रद्द होने से यात्रियों को बस, दूसरी ट्रेन या निजी वाहन का सहारा लेना पड़ सकता है. इससे यात्रा में अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं. सुबह सफर करने वालों को खास सावधानी बरतनी होगी.
जलस्तर बढ़ने का असर लंबी दूरी की ट्रेनों पर भी पड़ा है. 18625 पूर्णिया कोर्ट-हटिया एक्सप्रेस को बख्तियारपुर, रघुनाथपुर, टिकारी और पटना होते हुए गया-क्यूल दिशा में बदले मार्ग से चलाया जाएगा. इसकी वापसी सेवा 18626 भी परिवर्तित रास्ते से चलेगी. 13329 धनबाद-पटना और 13330 पटना-धनबाद एक्सप्रेस के मार्ग में भी बदलाव किया गया है. यात्रियों को अपने ट्रेन रूट की जानकारी पहले लेनी होगी.
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग पुल के आसपास जलस्तर और संरक्षा की स्थिति पर नजर बनाए हुए है. सामान्य परिचालन तभी शुरू किया जाएगा, जब सुरक्षा स्थिति संतोषजनक होगी. रद्द 63248 गया-पटना मेमू के ईएमयू रैक को एमपीओ प्वाइंट पर लेने की व्यवस्था की गई है, जिससे 63339 सेवा संचालित की जा सके. रेलवे ने यात्रियों को स्टेशन पहुंचने से पहले ट्रेन की ताजा स्थिति जांचने की सलाह दी है.