पटना: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने स्वयंभू इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है. पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने सार्वजनिक तौर पर चिराग पासवान का नाम लेकर यह दिखाने की कोशिश की कि उसे राजनीतिक संरक्षण हासिल है. यह मामला उस वीडियो के सामने आने के बाद गरमाया, जिसमें भारद्वाज पर CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हमले को लेकर कथित तौर पर बयान देने और राजनीतिक पहुंच का दावा करने का आरोप है.
LJP (राम विलास) ने शुक्रवार को संसद थाना पुलिस में शिकायत देकर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की. पार्टी ने कहा कि भारद्वाज का चिराग पासवान या उनकी पार्टी से कोई संबंध नहीं है. शिकायत में पुलिस से इस बात को आधिकारिक रूप से दर्ज करने का आग्रह भी किया गया है. पार्टी ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए चिराग के नाम के कथित दुरुपयोग को गंभीर मामला बताया.
विवाद की शुरुआत उस वीडियो से हुई, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. इसमें भारद्वाज पर आरोप है कि उसने CJP कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता पर हुए हिंसक हमले की बात स्वीकार की. वीडियो में उसने कथित तौर पर यह भी कहा कि दिल्ली पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की, क्योंकि उसके राजनीतिक संपर्क हैं. इसी दावे को लेकर चिराग पासवान की पार्टी ने आपत्ति जताई है.
चिराग पासवान इससे पहले निशु आजाद के पिता के मामले में न्याय दिलाने की जिम्मेदारी लेने की बात कह चुके हैं. उन्होंने कहा था कि सार्वजनिक जीवन में लोग उनसे मिलने आते हैं, लेकिन किसी मुलाकात के आधार पर खुद को निजी परिचित बताना उनके नाम का गलत इस्तेमाल है. पासवान ने यह भी कहा कि हमले में घायल हुए छात्र कार्यकर्ता के पिता की हालत गंभीर थी और मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए वह दिल्ली पुलिस से संपर्क करेंगे.
स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई. यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की ओर से CJP प्रदर्शनकारियों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तारी का भरोसा दिए जाने के कुछ घंटे बाद हुई. पुलिस के अनुसार, भारद्वाज ने कथित तौर पर भागने की कोशिश की थी, लेकिन उसे पकड़ लिया गया. मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई जारी है.
पूरे मामले में सबसे अहम सवाल चिराग पासवान के नाम के कथित इस्तेमाल को लेकर है. LJP (राम विलास) ने साफ किया है कि भारद्वाज का पार्टी से कोई संबंध नहीं है. पार्टी चाहती है कि पुलिस शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर मामले की जांच करे और यह स्पष्ट किया जाए कि आरोपी द्वारा किया गया कथित दावा पार्टी या उसके अध्यक्ष की ओर से किसी समर्थन को नहीं दर्शाता.