पटना: महंगाई और बढ़ते खर्च के इस दौर में बिहार की छोटी दुकानदारों को बड़ी राहत मिली है. राज्य सरकार और बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने छोटे कारोबारियों के बिजली बिल में फिक्स्ड चार्ज कम करने का फैसला लिया है. अब शहरी क्षेत्रों में आधा किलोवाट (0.5 KW) बिजली कनेक्शन वाले दुकानदारों को हर महीने 200 रुपये की जगह सिर्फ 150 रुपये ही फिक्स्ड चार्ज देना होगा. यह नया नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है.
इस फैसले से छोटे दुकानदारों को हर महीने 50 रुपये की सीधी बचत होगी. साल भर में यह रकम 600 रुपये हो जाती है. पान की गुमटी, चाय की दुकान, किराना स्टोर और अन्य छोटे-मोटे व्यवसाय चलाने वाले हजारों लोग इस राहत का फायदा उठा सकेंगे. बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कंपनी की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला लिया. पहले NDS-II श्रेणी के आधा किलोवाट लोड वाले उपभोक्ताओं को 200 रुपये फिक्स्ड चार्ज देना पड़ता था. अब इसे घटाकर 150 रुपये कर दिया गया है.
बिजली विभाग के अनुसार वर्तमान में नॉर्थ बिहार में ऐसे लगभग 2595 और साउथ बिहार में 9458 उपभोक्ता हैं. आने वाले एक साल में इनकी संख्या 20 हजार से ज्यादा हो जाने का अनुमान है. इस राहत का फायदा सिर्फ दुकानदारों तक ही सीमित नहीं है. छोटे उद्योगों को भी राहत दी गई है. LTIS-I श्रेणी में फिक्स्ड चार्ज 288 रुपये से घटाकर 278 रुपये कर दिया गया है, जबकि LTIS-II श्रेणी में 360 रुपये से घटाकर 350 रुपये प्रति माह कर दिया गया है. यानी छोटे उद्योगों को भी हर महीने 10 रुपये की बचत होगी.
बिजली कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि छोटे कारोबारियों पर बोझ कम करने और उन्हें बेहतर ढंग से अपना व्यवसाय चलाने में मदद करने के लिए यह प्रस्ताव लाया गया था. महंगाई के समय में जब हर चीज महंगी हो रही है, तब बिजली बिल में यह कमी छोटे दुकानदारों और उद्यमियों के लिए काफी राहत भरी साबित होगी.