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दुलारचंद हत्याकांड में चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, SP समेत 4 अफसरों के हुए तबादले, एक सस्पेंड

मोकामा में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त कार्रवाई की है. आयोग ने चार अधिकारियों का तबादला और एक का निलंबन किया, साथ ही डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
दुलारचंद हत्याकांड में चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, SP समेत 4 अफसरों के हुए तबादले, एक सस्पेंड
Courtesy: social media

पटना: बिहार के मोकामा में हुए दुलारचंद यादव हत्याकांड ने चुनावी माहौल को गरमा दिया है. मामले में निर्वाचन आयोग (ECI) ने सख्त रुख अपनाते हुए चार अधिकारियों का तत्काल तबादला कर दिया है, जबकि एक अधिकारी को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है. 

आयोग ने बिहार के डीजीपी से कल दोपहर तक पूरी कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है. यह कदम उस समय आया है जब 6 नवंबर को मोकामा सीट पर पहले चरण में मतदान होना है.

ईसीआई की बड़ी कार्रवाई

निर्वाचन आयोग ने शनिवार को जारी आदेश में मोकामा और बाढ़ के तीन प्रशासनिक अधिकारियों को उनके पद से हटा दिया. इनमें एसडीओ चंदन कुमार, एसडीपीओ राकेश कुमार और अभिषेक सिंह शामिल हैं. इनकी जगह आईएएस आशीष कुमार, आनंद कुमार सिंह और आयुष श्रीवास्तव को नियुक्त किया गया है. आयोग ने हटाए गए अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं. इसके अलावा स्थानीय एसपी का भी तबादला कर दिया गया है.

एक्शन टेकन रिपोर्ट की मांग

ईसीआई ने बिहार के डीजीपी विनय कुमार से इस मामले पर कल दोपहर 12 बजे तक विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) मांगी है. चुनाव आयोग का कहना है कि हत्या जैसे गंभीर मामलों में प्रशासनिक लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इससे पहले, घोसवारी के एसएचओ मधुसूदन कुमार और भदौर के एसएचओ रवि रंजन को भी निलंबित किया गया था.

चुनाव प्रचार के दौरान हुई थी हत्या

30 अक्टूबर को मोकामा में जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की हत्या गोलीबारी में हुई थी. बताया गया कि यह झड़प दो प्रतिद्वंद्वी गुटों के बीच चुनाव प्रचार के दौरान हुई. पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज कर दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. हालांकि, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर बताया गया है. मामले की जांच अब उच्च स्तर पर जारी है.

प्रशांत किशोर और विपक्ष का हमला

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने इस हत्या को 'लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला' बताया. उन्होंने कहा कि बिहार में फिर से 'जंगल राज' लौट आया है. आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी हिंसा की निंदा की और ईसीआई से त्वरित कार्रवाई की मांग की. विपक्ष का आरोप है कि प्रशासनिक तंत्र चुनावी निष्पक्षता बनाए रखने में नाकाम रहा है.

बाहुबलियों का पुराना गढ़

मोकामा सीट लंबे समय से बिहार की राजनीति में बाहुबलियों का केंद्र रही है. अनंत सिंह, उनके भाई दिलीप सिंह और सूरजभान सिंह इस इलाके के प्रभावशाली नाम हैं. इस बार मुकाबला जेडीयू के अनंत सिंह और आरजेडी की वीणा देवी के बीच है, जो पूर्व सांसद सूरजभान सिंह की पत्नी हैं. दोनों उम्मीदवार भूमिहार समुदाय से हैं, जिससे यह टक्कर और दिलचस्प हो गई है. 243 सीटों वाली विधानसभा के लिए मतदान दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होगा.