पटना के चर्चित शिक्षण संस्थानों से जुड़े विवाद के बीच नेपाल में हुई एक संदिग्ध मौत ने नया राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है. ज्ञान बिंदु कोचिंग संस्थान के संचालक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. इस घटना के बाद जहां सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं, वहीं राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है.
प्रिंस यादव की मौत को लेकर शुरुआती तौर पर ब्रेन हेमरेज की आशंका जताई गई थी, लेकिन बाद में मामले ने नया मोड़ ले लिया. अब विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं, जिससे घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने इस मामले में बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि प्रिंस यादव की मौत एक सामान्य घटना नहीं है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए. मीडिया से बातचीत के दौरान तेज प्रताप यादव ने कहा कि दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और इसी विवाद की पृष्ठभूमि में यह घटना हुई है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई तथ्य सामने आ चुके हैं और सच्चाई की निष्पक्ष जांच आवश्यक है. साथ ही उन्होंने बिहार सरकार से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर भी इस घटना को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने प्रिंस यादव की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे बेहद दुखद घटना बताया. अपने संदेश में उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की और कहा कि दोषियों की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके.
जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय प्रिंस यादव (रौशन आनंद सर के भाई) नेपाल के विराटनगर स्थित एक होटल में ठहरे हुए थे. शनिवार देर रात उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. घटना की पुष्टि नेपाल के मोरंग जिले के पुलिस प्रवक्ता एवं डीएसपी मकेंद्र कुमार मिश्र ने की है. नेपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम गठित की है. मामले की जांच के दौरान नेपाल पुलिस ने चार भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया है.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन सभी से घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है. हालांकि, अब तक किसी भी व्यक्ति की भूमिका को लेकर आधिकारिक रूप से कोई निष्कर्ष सामने नहीं आया है. नेपाल पुलिस का कहना है कि प्रिंस यादव की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा.