पटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों हलचल तेज है, क्योंकि सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार का कैबिनेट विस्तार 7 मई को प्रस्तावित है. इस विस्तार से पहले पटना में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ गई हैं. जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी कार्यालय पहुंचकर नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की. इस बैठक ने मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले चेहरों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
पटना स्थित जदयू कार्यालय में मंगलवार को खासा उत्साह देखने को मिला. नीतीश कुमार के पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया और उनके समर्थन में नारे लगाए. उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत की और संगठन की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने कार्यालय परिसर का निरीक्षण भी किया और व्यवस्थाओं को लेकर जरूरी निर्देश दिए.
7 मई को होने वाले कैबिनेट विस्तार को लेकर सभी की नजरें जदयू पर टिकी हैं. माना जा रहा है कि इस बार जदयू को भाजपा के बराबर 16 मंत्री पद मिल सकते हैं. हालांकि पार्टी एक-दो पद खाली भी रख सकती है. इससे यह संकेत मिलता है कि भविष्य की रणनीति को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए जा सकते हैं.
पार्टी सूत्रों के अनुसार, पिछली सरकार में जदयू कोटे से जो नेता मंत्री थे, उन्हें फिर मौका मिल सकता है. फिलहाल किसी बड़े चेहरे को हटाए जाने की संभावना कम नजर आ रही है. इससे साफ है कि पार्टी अनुभव और स्थिरता को प्राथमिकता दे रही है. साथ ही कुछ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है.
नए चेहरों में जातीय संतुलन साधने पर जोर दिया जा रहा है. एक कोइरी नेता को मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा है. भोजपुर जिले की जगदीशपुर सीट से विधायक भगवान सिंह कुशवाहा का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है. वे पहले भी मंत्री रह चुके हैं और उनका अनुभव पार्टी के लिए अहम माना जा रहा है.
कैबिनेट विस्तार के बाद नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना है. प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं. यह समारोह राजनीतिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है.