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फिर गिरा पुल... गंगा में समाया बिहार के विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा; जानें कैसी है वहां की स्थिति

भागलपुर में विक्रमशिला ब्रिज का एक हिस्सा गंगा में गिर गया. पुल पर ट्रैफिक बंद कर दिया गया है. चलिए जानते हैं कैसी है अभी वहां की स्थिति.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
फिर गिरा पुल... गंगा में समाया बिहार के विक्रमशिला ब्रिज का हिस्सा; जानें कैसी है वहां की स्थिति
Courtesy: @ANI x account

भागलपुर: बिहार के भागलपुर में देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. गंगा नदी पर बना विक्रमशिला पुल का एक हिस्सा अचानक टूटकर नीचे पानी में गिर गया. हालांकि मौके पर मौजूद अधिकारियों की तत्परता के कारण लोगों को पहले ही सुरक्षित निकाल लिया गया था. जिसके वजह से इस घटना में किसी की जान नहीं गई और न ही कोई घायल हुआ.

जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी के अनुसार मौके पर मौजूद स्थानीय अधिकारियों और स्टेशन हाउस ऑफिसर यानी SHO की सतर्कता के कारण लोगों को प्रभावित हिस्से से तुरंत हटा लिया गया. लोगों को सुरक्षित निकालने का काम पूरा होने के लगभग 15 मिनट बाद पुल का स्लैब टूटकर गंगा नदी में गिर गया.

प्रशासन ने क्या लिया एक्शन?

इस घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विक्रमशिला पुल को भागलपुर और नौगछिया दोनों तरफ से पूरी तरह से सील कर दिया. फिलहाल पुल पर सभी तरह के वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है.

प्रशासन ने बताया कि रात के समय कोई वैकल्पिक रास्ता खोलना संभव नहीं था. जो लोग भागलपुर जाना चाहते हैं, उन्हें फिलहाल मुंगेर के रास्ते से जाने की सलाह दी गई है.

कब हुआ था इस पुल का निर्माण?

इस पुल का निर्माण वर्ष 2001 में लगभग ₹200 करोड़ की लागत से किया गया था. लगभग 4.5 किलोमीटर लंबा यह पुल हर दिन हजारों वाहनों और लाखों लोगों की आवाजाही के लिए एक जीवनरेखा का काम करता था.

लेकिन निर्माण के मात्र 25 वर्षों के भीतर ही पुल का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गंगा नदी में गिर गया, जिसके बाद प्रशासन को पुल पर आवाजाही तुरंत रोकनी पड़ी.

वैकल्पिक रास्तों के बारे में प्रशासन ने क्या कहा है?

प्रशासन अब वैकल्पिक व्यवस्था करने और स्थिति को सामान्य बनाने की दिशा में काम कर रहा है. एक अस्थायी विकल्प के तौर पर प्रशासन ने मुंगेर पुल का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया है, जो यहां से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. जिसके वजह से यात्रियों को अब काफी लंबी यात्रा करनी पड़ेगी, जिसके चलते यात्रा का समय और परिवहन लागत दोनों ही बढ़ जाएंगे.