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बिहार पुलिस कांस्टेबल ने CPR देकर CISF जवान की बचाई जान, वीडियो में देखें कैसे मौत के मुहाने से वापस लौटा शख्स

पटना में एक पुलिसकर्मी ने सीपीआर देकर बेहोश सीआईएसएफ जवान की जान बचाई, जिसका वीडियो वायरल होने पर लोगों ने उसकी जमकर सराहना की.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
बिहार पुलिस कांस्टेबल ने CPR देकर CISF जवान की बचाई जान, वीडियो में देखें कैसे मौत के मुहाने से वापस लौटा शख्स
Courtesy: @bihar_police x account

पटना: बिहार की राजधानी पटना में एक पुलिसकर्मी ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी से एक सीआईएसएफ जवान की जान बचाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है. यह घटना शहर के मिठापुर बायपास के पास हुई, जहां अचानक एक जवान की तबीयत बिगड़ गई और वह सड़क पर बेहोश होकर गिर पड़ा.

बताया जा रहा है कि जवान को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और कुछ ही पलों में वह बेहोश हो गया. आसपास मौजूद लोगों में अफरा तफरी मच गई लेकिन मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस के एक सिपाही ने तुरंत स्थिति को संभाल लिया.

कैसे बचाई जान?

सिपाही ने बिना समय गंवाए बेहोश जवान को जमीन पर लिटाकर सीपीआर देना शुरू किया. उसने सही तरीके से लगातार छाती पर दबाव डाला, जिससे कुछ ही सेकंड में जवान की सांसें वापस आने लगीं. इस दौरान एक अन्य व्यक्ति ने भी उसकी मदद की और जवान के पैरों को रगड़कर उसे सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश की.

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह सिपाही ने धैर्य और समझदारी से काम लेते हुए जवान की जान बचाई.

बिहार पुलिस ने क्या कहा?

बिहार पुलिस ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा कि बिहार पुलिस हर संकट में लोगों के साथ खड़ी है और उनकी सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है.

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने पुलिसकर्मी की जमकर तारीफ की. कई लोगों ने इसे बहादुरी और मानवता का बेहतरीन उदाहरण बताया. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि सीपीआर जैसी जीवन रक्षक तकनीक को स्कूल और कॉलेजों में अनिवार्य रूप से सिखाया जाना चाहिए.

क्या है सीपीआर?

सीपीआर एक आपातकालीन प्रक्रिया है, जिसमें छाती पर दबाव देकर दिल और सांस की प्रक्रिया को बनाए रखने की कोशिश की जाती है. यह तकनीक तब इस्तेमाल की जाती है जब किसी व्यक्ति की सांस या दिल की धड़कन रुक जाती है.

सही समय पर दिया गया सीपीआर किसी की जान बचाने में बेहद प्रभावी साबित हो सकता है. यह घटना इस बात का प्रमाण है कि अगर सही जानकारी और हिम्मत हो तो किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है.