पटना: बिहार अपने 114वें स्थापना दिवस को इस बार खास अंदाज में मना रहा है. राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में तीन दिवसीय बिहार दिवस समारोह की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार शाम इस भव्य आयोजन का उद्घाटन करेंगे. इस कार्यक्रम में राज्य की संस्कृति, परंपरा और विकास की झलक देखने को मिलेगी. साथ ही, देशभर के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से मंच को रोशन करेंगे, जिससे पूरे माहौल में उत्साह और रंग भर जाएगा.
पटना का गांधी मैदान एक बार फिर ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रहा है. शाम साढ़े पांच बजे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मुख्य मंच से बिहार दिवस समारोह का उद्घाटन करेंगे. उनके साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहेंगे. कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री सुनील कुमार करेंगे. आयोजन स्थल को भव्य सजावट और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है.
समारोह को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर ने टीम के साथ गांधी मैदान का निरीक्षण किया और जरूरी दिशा-निर्देश दिए. आयोजन स्थल पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सके.
‘उन्नत बिहार, उज्ज्वल बिहार’ थीम पर आधारित इस आयोजन में राज्य की सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को दर्शाया जाएगा. अलग-अलग विभागों के स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सरकार की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी जाएगी. इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को बिहार की समृद्ध परंपरा और प्रगति से जोड़ना है.
तीन दिनों तक चलने वाले इस समारोह में कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे. पहले दिन गायिका सोना मोहपात्रा, दूसरे दिन गायक शान और तीसरे दिन पापोन अपनी आवाज से माहौल को संगीत से भर देंगे. इसके अलावा, श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल और रविन्द्र भवन में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा.
22 मार्च 1912 को बिहार को एक अलग प्रांत का दर्जा मिला था, जिसे हर साल बिहार दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह आयोजन न केवल राज्य के गौरवशाली इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि विकास की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा भी देता है. इस बार का आयोजन पहले से अधिक भव्य और यादगार बनने की उम्मीद है.