JDU के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने जनता दल यूनाइटेड का दामन छोड़ अब राष्ट्रीय लोक दल में शामिल हो गए हैं. हालांकि इसके बाद भी वे एनडीए का ही हिस्सा रहने वाले हैं. आरएलडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने उन्हें पार्टी में जगह दी.
केसी त्यागी लंबे समय से जदयू के साथ थे, वे पूर्व सांसद और राज्यसभा सदस्य रह चुके हैं. पिछले कुछ दिनों में पार्टी से उनकी दूरी बढ़ गई थी, लेकिन अब उन्होंने औपचारिक रूप से जेडीयू को अलविदा कह दिया. हालांकि उनका यह फैसला यूपी-बिहार समेत पूरे देश के लोगों के लिए आश्चर्यजनक है.
दिल्ली में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जयंत चौधरी की मौजूदगी में केसी त्यागी ने आरएलडी की सदस्यता ली. दौरान कई समर्थक भी साथ थे. पार्टी बदलने के बाद भी केसी त्यागी एनडीए में ही सक्रिय रहेंगे. कार्यक्रम के दौरान केसी त्यागी ने पुरानी यादें ताजा कीं. उन्होंने कहा कि चौधरी चरण सिंह ने बहुत कम उम्र में उन्हें हापुड़ से चुनाव लड़ने का टिकट दिया था. इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चरण सिंह ने आर्थिक मदद भी की थी. त्यागी ने कहा कि 1974 में लोक दल बनते समय वे मंच पर मौजूद थे. अब वे जयंत चौधरी को चरण सिंह की तरह देखते हैं. वे एमपी-एमएलए बनने नहीं आए, बल्कि किसानों और गरीबों के लिए काम करना चाहते हैं.
जयंत चौधरी ने पार्टी में केसी त्यागी का खुलकर स्वागत किया. पिछले हफ्ते त्यागी की किताब विमोचन में जयंत मुख्य अतिथि थे. तब उन्होंने कहा था कि हर पार्टी को ऐसे अनुभवी नेताओं की जरूरत होती है. इसके कुछ दिनों बाद ही त्यागी उनके पार्टी में शामिल हो गए. मिल रही जानकारी के मुताबिक आरएलडी ने त्यागी को न्यौता दिया था. माना जाता है कि केसी त्यागी पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभावशाली नेता हैं, वे गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में मजबूत पकड़ रखते हैं. उनकी आरएलडी में एंट्री से पार्टी को फायदा हो सकता है.
राजनीति कारों कहना है कि मेरठ, बागपत जैसे क्षेत्रों में सियासी समीकरण बदल सकते हैं. आरएलडी एनडीए का महत्वपूर्ण सहयोगी है, केसी त्यागी के आने से गठबंधन मजबूत होगा. जयंत चौधरी युवा नेता हैं. त्यागी का अनुभव उन्हें फायदा देगा. दोनों मिलकर किसान मुद्दों पर काम कर सकते हैं.