उत्तराखंड में मानसून अब मुश्किलें बढ़ाने लगा है. लगातार हो रही बारिश की वजह से गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर भूस्खलन हुआ है. कई वाहन रास्ते में फंस गए, जबकि नदियों का जलस्तर भी तेजी से बढ़ा है. मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है.
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है. गंगोत्री और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ. सड़क पर मलबा आने के कारण कई वाहन बीच रास्ते में फंस गए. सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम ने मौके पर पहुंचकर रास्ता साफ करने का काम शुरू किया और फंसे हुए वाहनों को सुरक्षित बाहर निकाला. सुरक्षा को देखते हुए पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया गया है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो और लोगों की आवाजाही नियंत्रित रखी जा सके.
लगातार बारिश के कारण यमुना, भागीरथी और अलकनंदा जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी के बढ़ते जलस्तर से नमामि घाट पूरी तरह पानी में डूब गया है. प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे जाने से बचने की अपील की है. मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा अभी बना रहेगा, इसलिए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचना चाहिए.
भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर पिथौरागढ़ जिले में देखने को मिला है, जहां अकेले 13 सड़कें बंद हो गई हैं. पूरे उत्तराखंड में करीब 30 सड़क संपर्क प्रभावित बताए गए हैं. प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. सड़कें खोलने के लिए मशीनों और कर्मचारियों को लगाया गया है. अधिकारियों ने लोगों से मौसम की ताजा जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी है.