चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर आखिरकार चुनावी मैदान में उतर गए हैं. जन सुराज पार्टी ने उन्हें बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है. पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने इसकी औपचारिक घोषणा की. इस सीट पर नामांकन की अंतिम तारीख 13 जुलाई है, जबकि मतगणना 3 अगस्त को होगी. यह चुनाव प्रशांत किशोर के राजनीतिक करियर का पहला प्रत्यक्ष चुनाव होगा.
बांकीपुर सीट बीजेपी का मजबूत गढ़ मानी जाती है. यह सीट बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद खाली हुई थी. बीजेपी ने अभी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, हालांकि अजय आलोक, नील रतन घोष और अजीत कुमार लाली के नाम चर्चा में हैं. दूसरी ओर, जनता जनशक्ति दल ने सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी को मैदान में उतारा है. ऐसे में मुकाबला काफी दिलचस्प होने की संभावना है.
उम्मीदवारी तय होने से पहले ही प्रशांत किशोर ने कहा था कि बांकीपुर उपचुनाव एनडीए सरकार के पहले वर्ष पर जनता की राय जानने का अवसर होगा. उनका दावा है कि इस सीट पर सिर्फ जन सुराज ही बीजेपी को चुनौती दे सकती है, क्योंकि आरजेडी और कांग्रेस लगातार बड़े अंतर से हारती रही हैं. उन्होंने भरोसा जताया कि मजबूत उम्मीदवार के दम पर उनकी पार्टी यहां नई राजनीतिक जमीन तैयार कर सकती है.
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने 238 सीटों पर चुनाव लड़कर भी कोई सीट नहीं जीती थी, हालांकि उसे तीन प्रतिशत से अधिक वोट मिले थे. अब बांकीपुर उपचुनाव प्रशांत किशोर और उनकी पार्टी के लिए सबसे बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है. इस नतीजे से यह भी तय होगा कि राज्यभर की पदयात्रा और संगठन विस्तार का असर वोटों में बदल पाता है या नहीं. साथ ही बीजेपी के लिए भी यह अपनी शहरी पकड़ बरकरार रखने की प्रतिष्ठा का चुनाव होगा.