FIFA World Cup 2026 के बीच अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन का रेड कार्ड और उसके बाद निलंबन हटाने का फैसला दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मामले में अपनी भूमिका स्वीकार करते हुए कहा है कि उन्होंने फैसले की समीक्षा करने की अपील की थी.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो से फोलारिन बालोगुन को मिले रेड कार्ड की दोबारा समीक्षा करने का अनुरोध किया था. उनके अनुसार यह ऐसा फाउल नहीं था, जिसके कारण खिलाड़ी को मैदान से बाहर भेजा जाए. ट्रंप ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था पर दबाव बनाना नहीं था, बल्कि सिर्फ घटना की निष्पक्ष जांच करवाना था. बाद में जब फीफा ने बालोगुन का एक मैच का प्रतिबंध हटाकर उन्हें बेल्जियम के खिलाफ खेलने की अनुमति दी, तो ट्रंप ने इस फैसले का स्वागत किया. उन्होंने इसे सही कदम बताते हुए कहा कि इससे टूर्नामेंट पर बड़ा विवाद लगने से बच गया.
More from Donald Trump confirming he asked FIFA to review Flo Balogun’s red.
Trump adds, “How would you feel if we took Messi, Ronaldo or Kane out of a game?”
🎥 @Osint613 pic.twitter.com/jb89XdXGOo— Ben Jacobs (@JacobsBen) July 6, 2026Also Read
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पूरा मामला अमेरिका और बोस्निया-हर्जेगोविना के बीच खेले गए मुकाबले से शुरू हुआ था. मैच के दौरान बालोगुन का टकराव बोस्नियाई डिफेंडर तारिक मुहरेमोविच से हुआ, जिसके बाद उन्हें रेड कार्ड दिखाया गया. नियमों के अनुसार उन पर अगले मैच का प्रतिबंध लगा था. हालांकि बाद में फीफा की अनुशासन समिति ने अपने विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए इस प्रतिबंध को तत्काल लागू करने के बजाय एक साल की प्रोबेशन अवधि में बदल दिया. इसका मतलब यह रहा कि बालोगुन बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले में खेलने के लिए उपलब्ध हो गए.
Trump on Balogun:
— Clash Report (@clashreport) July 6, 2026
Balogun is our best player. He got a red card. I didn't know what that meant, but then I heard that it means you cannot play in the next game.
That's very unfair. How do you penalize him for a game that hasn't been played yet?
I asked for a review by FIFA. pic.twitter.com/UmMU6N4u6k
फीफा के इस फैसले पर बेल्जियम फुटबॉल संघ ने कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सभी टीमों को स्पष्ट जानकारी दी गई थी कि सीधे रेड कार्ड मिलने पर अगला मैच नहीं खेला जा सकेगा. बेल्जियम का मानना है कि इस फैसले से नियमों की एकरूपता पर सवाल उठे हैं और भविष्य में हर अनुशासनात्मक कार्रवाई कानूनी विवाद का कारण बन सकती है. दूसरी ओर अमेरिका ने राहत की सांस ली है क्योंकि बालोगुन अब राउंड ऑफ 16 में टीम का हिस्सा होंगे. इस पूरे घटनाक्रम के बाद फीफा की अनुशासन प्रक्रिया, नियमों के इस्तेमाल और बड़े टूर्नामेंट में बाहरी हस्तक्षेप को लेकर चर्चा और तेज हो गई है.