menu-icon
India Daily

TMC में सियासी संग्राम तेज, ममता गुट ने EC में विरोधी खेमे के दावे किए खारिज

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के सामने स्पष्ट किया कि पार्टी की मौजूदा संगठनात्मक समितियां 2027 तक वैध हैं. पार्टी ने बागी गुट के दावों को निराधार बताते हुए उन्हें संविधान के विपरीत और भ्रामक करार दिया.

KanhaiyaaZee
TMC में सियासी संग्राम तेज, ममता गुट ने EC में विरोधी खेमे के दावे किए खारिज
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस में संगठन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब चुनाव आयोग तक पहुंच गया है. पार्टी ने आयोग के समक्ष अपना विस्तृत पक्ष रखते हुए कहा कि मौजूदा संगठनात्मक ढांचा पूरी तरह वैध है और उसका कार्यकाल 2027 तक जारी रहेगा. दूसरी ओर, बागी गुट ने दावा किया है कि वर्तमान नेतृत्व का कार्यकाल समाप्त हो चुका है. इस विवाद ने राज्य की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है.

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग को दिए जवाब में कहा कि पार्टी के संविधान के अनुसार संगठनात्मक समितियों का कार्यकाल पांच वर्ष का है. पार्टी के मुताबिक वर्ष 2022 में हुए संगठनात्मक चुनावों के बाद मौजूदा समिति का कार्यकाल 2027 तक प्रभावी रहेगा. इसलिए बागी गुट का दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है.

संविधान में संशोधन का दिया हवाला

पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि समय-समय पर संविधान में संशोधन किए गए थे. पहले कार्यकाल तीन वर्ष का था, जिसे वर्ष 2000 में चार वर्ष और 2006 में बढ़ाकर पांच वर्ष किया गया. इन सभी बदलावों की जानकारी चुनाव आयोग को पहले ही दी जा चुकी थी. इसलिए वर्तमान समिति पूरी तरह वैध है.

बागी नेताओं के दावों पर उठाए सवाल

तृणमूल कांग्रेस ने बागी नेताओं के तर्कों पर भी सवाल उठाए. पार्टी का कहना है कि यदि उनका दावा सही माना जाए तो उन्हीं नेताओं ने 2026 का विधानसभा चुनाव पार्टी के चुनाव चिन्ह और अधिकृत हस्ताक्षर के आधार पर कैसे लड़ा. पार्टी ने इसे उनके दावों में विरोधाभास बताया.

विशेष अधिवेशन को बताया असंवैधानिक

पार्टी ने 22 जून को बागी गुट द्वारा आयोजित विशेष अधिवेशन को भी असंवैधानिक बताया. तृणमूल का कहना है कि इस बैठक में संगठन की निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया. न तो जनप्रतिनिधियों को सूचना दी गई और न ही आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा किया गया. इसलिए इस बैठक के फैसलों की कोई वैधानिक मान्यता नहीं है.

विवाद पर चुनाव आयोग की नजर

चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अधिकृत हस्ताक्षरकर्ताओं और संगठनात्मक चुनावों से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं. तृणमूल कांग्रेस का दावा है कि आयोग को संविधान में हुए सभी संशोधनों की जानकारी पहले से उपलब्ध है. अब आयोग दोनों पक्षों के दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा.