2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए भारतीय टीम में बदलाव का दौर शुरू हो चुका है. BCCI टूर्नामेंट के लिए अभी से ही रोडमैप तैयार कर रहे हैं. चयनकर्ता युवा खिलाड़ियों को तैयार करने के साथ अनुभवी चेहरों के विकल्प पर भी नजर रख रहे हैं. ऐसे में मोहम्मद शमी जैसे खिलाड़ी अपनी दावेदारी मजबूत करने में जुटे हैं.
इन खिलाड़ियों के पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का लंबा अनुभव है, लेकिन टीम में वापसी आसान नहीं होगी. अब उनके प्रदर्शन और फिटनेस पर चयनकर्ताओं की नजर रहेगी.
घरेलू क्रिकेट में अनुभवी खिलाड़ियों का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए अहम संकेत बन सकता है. खासकर तेज गेंदबाजों की बात करें तो मोहम्मद शमी लगातार अपनी उपयोगिता साबित कर रहे हैं. 2027 वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका की तेज पिचों पर खेला जाना है. ऐसे में भारत को ऐसे गेंदबाजों की जरूरत होगी, जो नई गेंद के साथ-साथ दबाव के समय भी असर छोड़ सकें.
36 वर्षीय मोहम्मद शमी आज भी अपनी गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करने की क्षमता रखते हैं. रणजी ट्रॉफी के पिछले सीजन में उन्होंने 16.72 की औसत से 37 विकेट हासिल किए थे. टेस्ट और वनडे में 200 से ज्यादा विकेट लेने वाले शमी के पास बड़े मुकाबलों का अनुभव है. दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए उपयोगी साबित हो सकता है. बता दें शमी इससे पहले 2023 वर्ल्ड कप में भारत के लिए काफी किफायती साबित हुए थे.
भुवनेश्वर कुमार की उम्र 36 साल हो चुकी है, लेकिन उनकी स्विंग गेंदबाजी की धार कायम है. पिछले आईपीएल सीजन में उन्होंने 28 विकेट अपने नाम किए और शानदार इकॉनमी के साथ गेंदबाजी की. भुवी ने 2022 के बाद भारत के लिए मुकाबला नहीं खेला है. इसके बावजूद नई गेंद से पावरप्ले में विकेट निकालने की उनकी क्षमता उन्हें वापसी का मजबूत दावेदार बनाती है.
क्रुणाल पंड्या ने पिछले कुछ IPL सीजन में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभाव छोड़ा है. उन्होंने 14 विकेट लेने के साथ 145 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 226 रन बनाए. 35 वर्षीय ऑलराउंडर ने 2021 के बाद भारत के लिए कोई मैच नहीं खेला है. हालांकि टीम को ऐसे खिलाड़ियों की जरूरत रहती है, जो दोनों विभागों में योगदान दे सकें. इसलिए क्रुणाल की दावेदारी को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.