नई दिल्ली: क्रिकेट के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता हमेशा ही दर्शकों के लिए रोमांच का केंद्र रही है. आईसीसी अंडर-19 विश्व कप 2026 के सुपर सिक्स मुकाबले में भारत की पाकिस्तान से भिड़ंत हो रही है. लेकिन इस मैच में खिलाड़ियों के प्रदर्शन से ज्यादा चर्चे पाकिस्तान के मेंटोर सरफराज अहमद की हो रही है, जिन्हें मैच के दौरान डगआउट में मोबाइल फोन चलाते देखा गया. यह नियमों की एक गंभीर अनदेखी है.
भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए इस मैच के दौरान पाकिस्तानी टीम के मेंटोर सरफराज अहमद डगआउट में बैठकर अपना मोबाइल फोन चलाते हुए नजर आए. गौरतलब है कि मैच के दौरान खिलाड़ियों और टीम से जुड़े किसी भी सदस्यों के लिए मोबाइल फ़ोन सहित किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के इस्तेमाल पर रोक का प्रावधान है, लेकिन मैच के दौरान टीम के मेंटोर का इस तरह से मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना कई गंभीर सवाल खड़े करता है.
आईसीसी के भ्रष्टाचार विरोधी नियमों के तहत, मैच के दौरान डगआउट या ड्रेसिंग रूम में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण का उपयोग वर्जित है. खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मैदान में आने से पहले अपने गैजेट्स अधिकारियों के पास जमा करने होते हैं. सरफराज अहमद जैसे अनुभवी खिलाड़ी का ऐसा करना 'आईसीसी कोड ऑफ कंडक्ट' का उल्लंघन है. आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधक इकाई अब इस मामले की जांच कर सकती है. सरफराज को इस गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार के लिए कड़ी फटकार या आईसीसी की तरफ से भारी दंड का सामना करना पड़ सकता है.
दरअसल क्रिकेट केवल जीत-हार का खेल नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और नियमों के सम्मान का भी प्रतीक है और इसीलिए इस खेल को जेंटलमैन गेम भी कहा जाता है. लेकिन सरफराज अहमद द्वारा की गई यह चूक युवा खिलाड़ियों के लिए एक गलत उदाहरण पेश करती है. जहां भारतीय खिलाड़ियों ने मैदान पर अपना कौशल दिखाया, वहीं पाकिस्तानी मेंटोर ने बाहर नियमों को ताक पर रख दिया. इस घटना से यह साफ है कि खेल के दौरान किसी भी स्तर पर तकनीक का गलत इस्तेमाल खेल की गरिमा को ठेस पहुंचाता है. इस मामले में आईसीसी का निर्णय भविष्य के लिए एक बड़ा सबक होगा.