नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को आधिकारिक दौरे पर इंडोनेशिया पहुंचे. एयरपोर्ट पहुंचने से पहले इंडोनेशियाई फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट कर विशेष सम्मान दिया. राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया. इस दौरे के दौरान रक्षा सहयोग, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. साथ ही प्रधानमंत्री का प्रम्बानन हिंदू मंदिर का दौरा भी भारत और इंडोनेशिया के ऐतिहासिक सांस्कृतिक संबंधों को नई पहचान देगा.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया पहुंचते ही वहां की सुरक्षा और प्रोटोकॉल एजेंसियों ने विशेष सम्मान दिया. सीमा में प्रवेश करते ही फाइटर जेट्स ने उनके विमान को एस्कॉर्ट किया. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका स्वागत किया. प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका इंडोनेशिया का तीसरा दौरा है.
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पहलू भारत और इंडोनेशिया के बीच प्रस्तावित करीब 2,500 करोड़ रुपये की ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल डील मानी जा रही है. दोनों देशों के नेताओं की द्विपक्षीय बैठक में रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है.
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया के प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर का भी दर्शन करेंगे. 9वीं शताब्दी में निर्मित यह मंदिर भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा को समर्पित है. यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह मंदिर भारत और इंडोनेशिया के प्राचीन सांस्कृतिक संबंधों का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है.
इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन यहां आज भी हिंदू और बौद्ध सभ्यता की गहरी छाप दिखाई देती है. रामायण पर आधारित रामलीला का मंचन, गरुड़ नाम की राष्ट्रीय एयरलाइन और अतीत में मुद्रा पर भगवान गणेश की तस्वीर इसका प्रमुख उदाहरण हैं.
भारत और इंडोनेशिया हिंद-प्रशांत क्षेत्र के महत्वपूर्ण साझेदार हैं. दोनों देश समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और निवेश जैसे क्षेत्रों में लगातार संबंध मजबूत कर रहे हैं. प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा रणनीतिक सहयोग को नई गति देने के साथ दोनों देशों के सांस्कृतिक और कूटनीतिक रिश्तों को भी और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.