कुलदीप यादव ऐसे गेंदबाज हैं जिन्होंने कई मौकों पर टीम इंडिया को मुश्किलों से निकालकर मैच जिताए हैं. उन्होंने अपनी स्पिन जादूगरी से दुनिया भर के बल्लेबाजों की नाक में दम किया है. लेकिन उसके बाद भी अब उन्हें टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा है. अभी हाल ही में भारत और इंग्लैंड के बीच सीरीज खेली गई उसमें भी कुलदीप यादव को खेलने का मौका नहीं मिला.
टीम इंडिया की इस बेरुखी से परेशान कुलदीप यादव ने इंग्लैंड क्रिकेट का हाथ थामा लिया है. स्पिनर अब इंग्लैंड के घरेलू क्रिकेट में अपनी गेंदबाजी का जादू दिखाते नजर आएंगे. उन्होंने यॉर्कशायर के साथ विदेशी खिलाड़ी के रूप में अनुबंध किया है. इस समझौते के तहत वह पहले वनडे कप के पांच मुकाबले खेलेंगे और इसके बाद सितंबर में काउंटी चैंपियनशिप के तीन मैचों में भी हिस्सा लेंगे. कुलदीप इस नए सफर को अपने करियर के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं.
🚨 KULDEEP YADAV TO YORKSHIRE 🔥
— Johns. (@CricCrazyJohns) July 22, 2026
- Kuldeep will play 5 One Day Cup matches & 3 County matches in this season.
Great decision by Kuldeep, to find the place in the Indian team. pic.twitter.com/WlUAFkJNLF
कुलदीप यादव ने कहा कि यॉर्कशायर जैसे ऐतिहासिक क्लब का हिस्सा बनना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने बताया कि इंग्लैंड की परिस्थितियों में खेलना हमेशा चुनौतीपूर्ण और रोमांचक रहा है. टीम प्रबंधन से बातचीत के बाद वह इस नए सफर को लेकर काफी उत्साहित हैं और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार हैं.
भारत की हालिया वनडे सीरीज के दौरान कुलदीप टीम का हिस्सा थे, लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का अवसर नहीं मिला. अब काउंटी क्रिकेट के जरिए उनके पास अपनी लय हासिल करने और खुद को साबित करने का सुनहरा मौका है. उनका पहला मुकाबला ग्लैमोरगन के खिलाफ खेला जाएगा.
यॉर्कशायर के क्रिकेट महाप्रबंधक गेविन हैमिल्टन ने कहा कि कुलदीप का अनुभव टीम के लिए बेहद अहम साबित होगा. उनका मानना है कि सीजन के अंतिम चरण में स्पिन गेंदबाजी की भूमिका बढ़ सकती है. ऐसे में बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर के रूप में कुलदीप टीम को नई ताकत और अलग विकल्प देंगे.
इस सत्र में कई भारतीय खिलाड़ी इंग्लैंड के काउंटी क्रिकेट में खेल रहे हैं. कुलदीप यादव भी अब इस सूची में शामिल हो गए हैं. युजवेंद्र चहल, जयदेव उनादकट, मानव सुथार, आर साई किशोर और आशुतोष शर्मा पहले से अलग अलग क्लबों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. इससे भारतीय खिलाड़ियों को विदेशी परिस्थितियों में अनुभव हासिल करने का अच्छा अवसर मिल रहा है.