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India Daily

Indian at CWG 2026: इंजरी ने रोकी रफ्तार, हौसले ने लौटाई उड़ान... ग्लासगो में इतिहास रचने उतरेंगे मुरली श्रीशंकर

मुरली श्रीशंकर चोट से वापसी के बाद शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं. भारतीय लॉन्ग जम्पर को भरोसा है कि ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में वह अपने करियर की सबसे बड़ी छलांग लगा सकते हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
Indian at CWG 2026: इंजरी ने रोकी रफ्तार, हौसले ने लौटाई उड़ान... ग्लासगो में इतिहास रचने उतरेंगे मुरली श्रीशंकर
Courtesy: ANI

23 जुलाई से शुरु हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स के भारत और भारत के खिलाड़ी पूरी तरह से तैयार हैं. भारतीय खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में उतर रहे हैं. इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाले कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो की मुश्किलों के लड़कर इस मंच तक पहुंचे हैं. उन्हीं खिलाड़ियों में से एक हैं भारत के स्टार लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर. 

मुरली ने ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों से पहले अपनी तैयारियों को लेकर बड़ा बयान दिया है. 27 वर्षीय एथलीट का मानना है कि सर्जरी के बाद वापसी करने के बावजूद उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अभी बाकी है. उन्होंने इस सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी क्षमता साबित की है. अब उनका लक्ष्य बर्मिंघम 2022 में जीते रजत पदक का रंग बदलना है.

चोट के बाद शानदार वापसी से बढ़ा आत्मविश्वास

मुरली श्रीशंकर ने 2024 में सर्जरी के बाद इस सीजन में जोरदार वापसी की है. उन्होंने भुवनेश्वर में अंतर राज्यीय चैंपियनशिप के दौरान 8.38 मीटर की छलांग लगाकर अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की बराबरी की. हालांकि इस उपलब्धि के बाद भी श्रीशंकर का मानना है कि वह अपनी पूरी क्षमता अभी नहीं दिखा पाए हैं और एक बड़ी छलांग उनका इंतजार कर रही है.

प्रदर्शन में सुधार को लेकर पूरी तरह आश्वस्त

श्रीशंकर ने कहा कि, 'मेरी शारीरिक स्थिति चोट से पहले जैसी थी, वैसी ही हो गई है, या उससे भी काफी बेहतर हो गई है. मेरी गति में सुधार हुआ है, मेरी कूदने की क्षमता में सुधार हुआ है. बस सब कुछ एक साथ जोड़ने की बात है.' उनका मानना है कि तकनीक, फिटनेस और सही समय पर प्रदर्शन को जोड़ने के बाद वह बड़ा परिणाम हासिल कर सकते हैं.

भारतीय लंबी कूद में बढ़ी कड़ी प्रतिस्पर्धा

भारतीय पुरुष लंबी कूद में इस समय कई खिलाड़ी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. श्रीशंकर ने बताया कि अब आठ मीटर की दूरी पार करना सामान्य स्तर बनता जा रहा है. अंतर राज्यीय चैंपियनशिप में कई भारतीय खिलाड़ियों ने 8.20 मीटर और 8.30 मीटर से ज्यादा की छलांग लगाई है, जिससे घरेलू प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी बढ़ गया है.

ग्लासगो में पदक का रंग बदलने की तैयारी

ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में श्रीशंकर की नजर गोल्ड मेडल पर है. उन्होंने कहा कि बर्मिंघम में 8.08 मीटर की छलांग के साथ उन्होंने सिल्वर जीता था, लेकिन इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है. 

पोलैंड में प्रशिक्षण ने उन्हें ट्रैक और मौसम की परिस्थितियों के अनुसार खुद को तैयार करने में मदद की है. वह बिना किसी सीमा के अपनी प्रक्रिया पर भरोसा कर रहे हैं.