नई दिल्ली: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव के लिए राहत की खबर आई है. लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे सूर्यकुमार ने अहम मुकाबले में जिम्मेदारी भरी पारी खेलते हुए अर्धशतक जड़ा. उनकी फॉर्म टूर्नामेंट से पहले लगातार चर्चा का विषय बनी हुई थी. ऐसे समय में यह पारी न सिर्फ टीम के लिए अहम रही, बल्कि कप्तान के आत्मविश्वास के लिहाज से भी बेहद जरूरी साबित हुई.
पिछले कुछ महीनों से सूर्यकुमार यादव का बल्ला खामोश ही रहा. टी20 फॉर्मेट में भारत की लगातार जीत के बावजूद कप्तान की व्यक्तिगत फॉर्म पर सवाल उठ रहे थे. 33 वर्षीय बल्लेबाज को हर मैच में कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ रहा था. सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों तक, सभी उनकी खराब लय पर चर्चा कर रहे थे, जिससे उन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा था.
शुक्रवार को सूर्यकुमार यादव तब बल्लेबाजी के लिए उतरे जब टीम मुश्किल में थी. स्कोर 6 रन पर 2 विकेट गिर चुके थे और शुरुआती झटकों से टीम डगमगा गई थी. ऐसे हालात में कप्तान ने जिम्मेदारी संभाली और आक्रामक लेकिन संयमित अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की. उन्होंने शुरुआत में जोखिम लेने के बजाय हालात को समझते हुए पारी को आगे बढ़ाया.
दबाव के बीच सूर्यकुमार ने अपने चिरपरिचित अंदाज में काउंटर अटैक किया. मैदान के चारों ओर शॉट्स लगाते हुए उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाया. धीरे धीरे रन गति बढ़ी और टीम की स्थिति मजबूत होने लगी. इस दौरान उन्होंने शानदार अर्धशतक पूरा किया, जो टी20 क्रिकेट में 23 पारियों बाद आया. यह पचासा 468 दिनों के लंबे इंतजार के बाद दर्ज हुआ.
India: 2/6 to fastest 200+ chase 🔥
— Jara (@JARA_Memer) January 23, 2026
- Ishan Kishan made a strong comeback, smashing 76 off 32
- Suryakumar Yadav is back in form, smashing 82 off 37*
- Two big positives for India ahead of the T20 World Cup.#indvsnzt20 pic.twitter.com/1uLLP676sh
अर्धशतक पूरा करते ही सूर्यकुमार यादव के चेहरे पर साफ राहत दिखाई दी. यह पारी उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देने वाली रही. ड्रेसिंग रूम में भी माहौल बदला हुआ नजर आया. साथी खिलाड़ियों ने कप्तान की इस पारी की जमकर सराहना की. टीम प्रबंधन के लिए भी यह संकेत सकारात्मक है कि बड़े टूर्नामेंट से पहले कप्तान सही दिशा में लौट रहा है.
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले सूर्यकुमार यादव का फॉर्म में लौटना भारतीय टीम के लिए बड़ा संकेत है. कप्तान की यह पारी साबित करती है कि वह दबाव में भी टीम को संभाल सकते हैं. आने वाले मुकाबलों में उनसे ऐसी ही निरंतरता की उम्मीद रहेगी. अगर सूर्यकुमार अपनी लय बरकरार रखते हैं, तो भारत को विश्व कप में मजबूत दावेदार माना जा सकता है.