'कैप्टन कूल' के नाम से मशहूर फैंस के महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट इतिहास के सबसे महानतम कप्तानों में से एक हैं. धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने क्रिकेट के तीनों प्रारूप में आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम किए हैं. ऐसा करने वाले माही इकलौते कप्तान हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 17,000 से ज्यादा रन बनाए हैं, विकेटकीपर के रूप में 800 से ज्यादा स्टंपिंग के द्वारा विकेट लिए हैं और चेन्नई सुपर किंग्स को पांच IPL खिताब दिलाए हैं.
अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों के बावजूद, धोनी अपने शांत स्वभाव और दबाव में भी संयमित रहने की क्षमता के लिए जाने जाते हैं. वह बखूबी जानते हैं कि प्रेशर में गेम को कैसे संभालना है. तो आज, 7 जुलाई 2026 को, फैंस के माही अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं, तो ऐसे में आइए देखते हैं पांच ऐसे दुर्लभ मौके जब 'कैप्टन कूल' ने अपना आपा खो दिया था.
IPL 2025 में गुजरात टाइटन्स के खिलाफ चेन्नई सुपर किंग्स के आखिरी लीग मैच के दौरान, कार्यवाहक कप्तान एमएस धोनी शिवम दूबे और मथीशा पथिराना पर गुस्सा करते नजर आए थे, क्योंकि दोनों ही फील्डिंग में लगातार गलतियां कर रहे थे और माही की बात नहीं सुन रहे थे. जिसने माही को अपना आपा खोने पर मजबूर कर दिया. यह घटना देखते ही देखते वायरल हो गई.
इसके बाद फैंस धोनी का साल 2019 वाला गुस्सा कैसे भूल सकते हैं जब कैप्टन कूल का पारा इतना हाई हो गया था कि वह मैदान पर उतने को मजबूर हो गए. ये वाक्या IPL मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ देखने को मिला. कमर की ऊंचाई पर आई फुल टॉस गेंद को पहले नो-बॉल करार दिया गया और फिर फैसला पलट दिया गया, जिसके बाद धोनी अंपायर उल्हास गांधे और ब्रूस ऑक्सनफोर्ड से सवाल करने के लिए मैदान पर चले गए. बाद में IPL आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए उन पर मैच फीस का 50% जुर्माना भी लगाया गया था.
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एक टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच के आखिरी ओवर में, धोनी मनीष पांडे से काफी नाराज नजर आए, क्योंकि उनके साथी बल्लेबाज दूसरा रन लेने में नाकाम रहे. 98 रनों की अटूट साझेदारी के बावजूद, लक्ष्य का पीछा करते समय धोनी की निराशा साफ झलक रही थी. जिस कारण मनीष पांडे के खिलाफ उनका गुस्सा साफ झलक रहा था.
बांग्लादेश के खिलाफ एक वनडे मैच के दौरान, धोनी एक रन पूरा करते समय नवोदित तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान से टकरा गए. इस घटना ने विवाद खड़ा कर दिया, जिसके बाद धोनी पर आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन करने के लिए उनकी मैच फीस का 75% जुर्माना लगाया गया, जबकि मुस्तफिजुर पर भी बल्लेबाज को बाधा पहुंचाने के लिए प्रतिबंध लगाया गया.