फीफा विश्व कप 2026 में एक और बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब मोरक्को ने नीदरलैंड्स को रोमांचक मुकाबले में हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया. निर्धारित समय तक दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला और मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ. इसके बाद फैसला पेनल्टी शूटआउट से हुआ, जहां मोरक्को ने शानदार संयम दिखाते हुए जीत दर्ज की.
इस नतीजे ने विश्व कप में मोरक्को के अभियान को नई मजबूती दी, जबकि नीदरलैंड्स का सफर यहीं खत्म हो गया. इस हार के साथ ही नीदरलैंड के नाम एक अनचाहा रिकॉर्ड जुड़ गया है. अब नीदरलैंड सबसे ज्यादा पेनल्टी शूटआउट में हारने वाली टीम बन गया है.
एस्टाडियो मोंटेरे में खेले गए मुकाबले में नीदरलैंड्स ने 72वें मिनट में कोडी गाकपो के गोल से बढ़त बनाई. हालांकि अतिरिक्त समय से ठीक पहले इस्सा डियोप ने शानदार हेडर लगाकर मोरक्को को बराबरी दिला दी. इसके बाद मुकाबला अतिरिक्त समय और फिर पेनल्टी शूटआउट तक पहुंच गया.
अतिरिक्त समय में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए, लेकिन कोई निर्णायक बढ़त नहीं ले सका. पेनल्टी शूटआउट में मोरक्को ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3-2 से जीत हासिल की. इससे पहले सोफियान रहीमी अतिरिक्त समय में आसान मौका चूक गए थे, लेकिन उनकी टीम ने अंततः मुकाबला अपने नाम कर लिया.
इस हार के साथ नीदरलैंड्स विश्व कप इतिहास में चौथी बार पेनल्टी शूटआउट में हारकर बाहर हुआ. इससे पहले टीम को साल 1998 में ब्राजील और 2014 व 2022 में अर्जेंटीना के खिलाफ भी यही निराशा झेलनी पड़ी थी. अब स्पेन के साथ उसके नाम विश्व कप में सबसे ज्यादा पेनल्टी शूटआउट हार का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है.
1 - स्पेन: 4 बार (बेल्जियम (1986), दक्षिण कोरिया (2002), रूस (2018), मोरक्को (2022))
2 - नीदरलैंड्स: 4 बार (ब्राजील (1998), अर्जेंटीना (2014), अर्जेंटीना (2022), मोरक्को (2026))
3 - इंग्लैंड: 3 बार (पश्चिम जर्मनी (1990), अर्जेंटीना (1998), पुर्तगाल (2006))
4 - इटली: 3 बार (अर्जेंटीना (1990), ब्राजील (1994), फ्रांस (1998))
5 - फ्रांस: 2 बार (पश्चिम जर्मनी से हार (1982), इटली से हार (2006))