प्राची चौधरी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए 400 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया. उन्होंने फाइनल में 53.21 सेकंड का समय निकाला. बहरीन की साल्वा नासेर ने गोल्ड और ईरान की जहरा जरेई मानोजन ने सिल्वर जीता. प्राची अब 4x400 मीटर रिले पर नजर रखेंगी.
प्राची फाइनल से पहले अपनी हीट में 53.46 सेकंड के साथ तीसरे स्थान पर रही थीं. इसके बाद उन्होंने तेज नॉन-ऑटोमैटिक क्वालिफायर में जगह बनाकर फाइनल का टिकट हासिल किया. फाइनल में उन्होंने शुरुआत से बेहतर दौड़ लगाई और 53.21 सेकंड में तीसरा स्थान हासिल किया. बहरीन की साल्वा नासेर ने 49.20 सेकंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता. वहीं ईरान की जहरा 52.38 सेकंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं. भारत की किरण पहल 53.41 सेकंड के साथ पांचवें स्थान पर रही.
प्राची एशियन गेम्स में दो मेडल जीतने के लक्ष्य के साथ आई थीं. व्यक्तिगत 400 मीटर का ब्रॉन्ज़ उनके खाते में आ चुका है और अब महिलाओं की 4x400 मीटर रिले बाकी है. उन्होंने कहा कि वह रिले में पिछली बार के सिल्वर से बेहतर मेडल जीतना चाहती हैं. प्राची 2022 हांग्जो एशियन गेम्स में सिल्वर जीतने वाली भारतीय रिले टीम का हिस्सा थीं. 2019 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने रिले में सिल्वर जीता था. पेरिस ओलंपिक में भी उन्होंने भारत की 4x400 मीटर रिले टीम का प्रतिनिधित्व किया.
— Dr Mansukh Mandaviya (@mansukhmandviya) September 26, 2026
प्राची का 400 मीटर में व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय 52.40 सेकंड है, जो उन्होंने 2023 में बनाया था। वह सितंबर 2026 से TOPS एथलीट भी हैं और एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उन्हें ट्रेनिंग सहायता मिली. TOPS के तहत उन्हें 25,000 रुपये और ACTC के तहत 4,65,678 रुपये की मदद मिली. फाइनल से पहले एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष ललित भनोट से हुई बातचीत ने भी उनका हौसला बढ़ाया. प्राची ने कहा कि उन्हें खुद पर गर्व है और जब वह कोई लक्ष्य तय करती हैं तो उसे पूरा करने की कोशिश करती हैं. अब उनकी नजर रिले में बेहतर प्रदर्शन पर है.