एशियन गेम्स में भारत की झोली में एक और गोल्ड आ गया. भारत की निशानेबाज नीरू ढांडा ने ये खिताब जीतकर भारतीय निशानेबाजी को बड़ी उपलब्धि दिलाई. उन्होंने महिला ट्रैप स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीतकर एशियन गेम्स में भारत का पहला व्यक्तिगत गोल्ड हासिल किया. लगातार बारिश के बीच हुए फाइनल में ढांडा ने 26 अंक जुटाए. चीन की सुन युनोंग और कुवैत की हाजर अब्दुलमलिक 21-21 अंक के साथ पीछे रहीं. क्वालीफाइंग से लेकर फाइनल तक ढांडा ने अपना दबदबा कायम रखा और भारत की पदक तालिका में एक और स्वर्ण जोड़ दिया है.
महिला ट्रैप के फाइनल में आठ निशानेबाजों के बीच मुकाबला हुआ. खराब मौसम और लगातार बारिश के बावजूद ढांडा ने शुरुआत से ही अपना नियंत्रण बनाए रखा. पहली सीरीज में उन्होंने सभी पांच निशाने सही लगाए. दूसरे राउंड में एक निशाना चूकने के बाद उन्होंने तुरंत वापसी की. तीसरी सीरीज में भी उनका प्रदर्शन मजबूत रहा और वह टॉप पर बनी रहीं.
Asian Games 2026 | India's Neeru Dhanda wins Gold medal in women's trap shooting event. pic.twitter.com/Z7r58G1S5H
— ANI (@ANI) September 29, 2026
चार सीरीज पूरी होने तक ढांडा ने 20 में से 19 निशाने सफलतापूर्वक लगाए थे. 25 शॉट के बाद वह 23 21 की बढ़त के साथ सुन युनोंग से आगे थीं. हाजर अब्दुलमलिक भी 21 अंक पर थीं. फाइनल चरण में ढांडा ने अपनी बढ़त बरकरार रखी और कुल 26 अंक हासिल करके स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया.
ढांडा के लिए यह साल शानदार उपलब्धियों से भरा रहा है. जुलाई में इटली के लोनाटो में उन्होंने महिला ट्रैप में अपना पहला आईएसएसएफ विश्व कप स्वर्ण पदक जीता था. एशियाई खेलों से पहले वह एशियाई चैंपियनशिप का खिताब भी हासिल कर चुकी थीं. भारतीय सेना की निशानेबाजी इकाई की सदस्य और नायब सूबेदार ढांडा ने टीम ट्रैप में भी भारत को रजत दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
टीम ट्रैप में ढांडा, आशिमा अहलावत और मनीषा कीर ने 328 अंक जुटाकर रजत पदक जीता था. टीम मुकाबले में ढांडा ने 125 में से 118 निशाने लगाए, जो भारत की ओर से सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर था. उनके स्वर्ण के बाद भारत के कुल पदकों की संख्या 47 हो गई, जिसमें पांच स्वर्ण, 21 रजत और 21 कांस्य शामिल हैं. शूटिंग में आने की प्रेरणा उन्हें चचेरे भाई लक्ष्य शेओरान से मिली, जिन्होंने 2018 एशियाई खेलों में ट्रैप का रजत जीता था.