Inspiring Journey: कई बार जिंदगी में मंजिल से ज्यादा मुश्किल उस रास्ते पर टिके रहना होता है, जहां हर कदम पर असफलता और लोगों के ताने मिलते हैं. हरियाणा के जींद जिले के विकास कुंडू ने भी ऐसा ही दौर देखा. उन्हें बार बार परीक्षा में नाकामी मिली और आसपास के लोगों ने सिविल सेवा की तैयारी छोड़ने तक की सलाह दे डाली. लेकिन विकास ने दूसरों की बातों के बजाय अपने लक्ष्य पर भरोसा बनाए रखा.
विकास कुंडू हरियाणा के जींद जिले के बिल लुखेड़ा गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई स्थानीय स्तर पर पूरी की. बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे रहे विकास ने ग्रेजुएशन के बाद सिविल सेवा में जाने का फैसला किया. साल 2020 में उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की. यह सफर उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने शुरुआत से ही IAS बनने का लक्ष्य तय कर लिया था.
तैयारी के शुरुआती दौर में विकास को लगातार असफलताओं का सामना करना पड़ा. आसपास के लोग उन्हें सलाह देने लगे कि अगर परीक्षा पास नहीं हो रही तो तैयारी छोड़कर कोई दूसरी नौकरी कर लेनी चाहिए. उन्हें ग्रुप सी या डी की नौकरी करने तक के सुझाव मिले. इन बातों से उन्हें निराशा जरूर होती थी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपनी कमियों को दूर करने पर ध्यान दिया.
UPSC की तैयारी के दौरान विकास को प्रीलिम्स और सीसेट में भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. कई बार वह मामूली अंतर से पीछे रह गए. निबंध में कम अंक मिलने से भी उनकी परेशानी बढ़ी. इंटरव्यू में सफलता नहीं मिलने का असर उनके आत्मविश्वास पर पड़ा. एक समय ऐसा आया जब वह मानसिक रूप से काफी दबाव महसूस करने लगे और किसी से बातचीत करने का भी मन नहीं करता था.
लगातार असफलताओं के बाद विकास ने अपनी तैयारी की रणनीति पर दोबारा काम किया. उन्होंने अपनी गलतियों का विश्लेषण किया और उनमें सुधार करने की कोशिश की. साल 2024 में UPSC परीक्षा में 288वीं रैंक हासिल कर उनका चयन IPS के लिए हुआ. परिवार और परिचितों ने उन्हें इसी पद पर बने रहने की सलाह दी, लेकिन IAS बनने की इच्छा अब भी उनके मन में थी. इसलिए उन्होंने एक और प्रयास करने का फैसला किया.
विकास ने अपने अगले प्रयास को आखिरी चुनौती की तरह लिया. 2024 में प्रीलिम्स परीक्षा के दौरान वह बेहद कठिन दौर से गुजर रहे थे. इसी समय परीक्षा केंद्र के बाहर उन्होंने खुद से कहा कि भले ही असफल होने की आशंका 99.9 प्रतिशत हो, लेकिन वह पूरी ताकत लगाकर कोशिश करेंगे. उनकी यही जिद रंग लाई और 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 27 हासिल कर IAS बनने का सपना पूरा कर लिया.