Israel Iran War: ईरान और इजरायल के बीच अब सीधी जंग शुरू हो गई है. इसकी वजह से दुनिया में खासकर पश्चिम एशिया में जंग की तपिश बढ़ गई है. दरअसल हाल ही में इजराइल ने एक ऑपरेशन के दौरान हिज्बुल्लाह प्रमुख को मार गिराया था, जिसके बाद ईरान ने बदला लेने की धमकी दी थी. और इसी धमकी को सच साबित करते हुए बीती रात ईरान ने इजरायल पर सैकड़ों मिसाइलें दाग दीं. इस हमले से पहले ही अस्थिर मिडिल ईस्ट की स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया है. दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव सिर्फ इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि इससे पूरी दुनिया पर इसका असर पड़ सकता है.
ऐसे में ईरान के सैन्य शक्ति की बात करते हैं, जिसकी आबादी करीब 9 करोड़ के आसपास है. ईरान की कुल जीडीपी 413 बिलियन डॉलर की है. इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज के मुताबिक ईरान का रक्षा बजट 7.4 बिलियन डॉलर है जो जीडीपी के मुकाबले दो प्रतिशत के आसपास बैठता है. ईरान दुनिया की 14वीं सबसे बड़ी मिलिट्री ताकत है और मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ी सैन्य ताकत. उसकी सेना में 580000 सैनिक हैं और दो लाख के आपसापस रिजर्व फोर्स है. दोनों को मिलाकर कुल सैनिकों की संख्या 780000 के आसपास बैठती है.
हथियार: ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसकी बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. खुफिया निदेशालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक पूरे मिडिल ईस्ट में ईरान ऐसा देश है जिसके पास सबसे ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें हैं.
वहीं अब इजरायल के सेना की ताकत की बात करें तो ग्लोबल फायर पावर इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायली आर्मी दुनिया की 20 वीं सबसे ताकतवर आर्मी है. इजरायली सेना में 169,500 एक्टिव सैनिक हैं तो 465,000 रिजर्व यूनिट में. कुल मिलाकर 634500 सैनिक हैं. सैनिकों के मामले में वह ईरान से पीछे है. इजरायल का डिफेंस बजट ईरान के मुकाबले 7 गुना ज्यादा है.
इजरायल के डिफेंस सिस्टम और हथियारों की बात करें तो आयरन डोम और डेविड्स स्लिंग जैसे एयर डिफेंस सिस्टम उसकी सबसे बड़ी ताकत हैं. जो लॉन्ग रेंज से लेकर छोटी दूरी की मिसाइलों, रॉकेट और ड्रोन को हवा में ही मार गिराते हैं. इसके अलावा इजरायल के पास 1200 से अधिक तोपखाने, मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम और स्मार्ट बम जैसे हथियार भी हैं, जो टारगेट पर अचूक निशाना लगाते हैं.