menu-icon
India Daily

आसमान से भारी तबाही के बाद अब जमीनी कब्जे की बारी? ईरान में सेना उतारने का प्लान बना रहे ट्रंप

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध में अब एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. एक रिपोर्ट के मुताबिक जल्द ही ईरान पर अमेरिका जमीनी हमला कर सकता है...

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
आसमान से भारी तबाही के बाद अब जमीनी कब्जे की बारी? ईरान में सेना उतारने का प्लान बना रहे ट्रंप
Courtesy: X

अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी को शुरू हुआ युद्ध अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है. ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत अब तक अमेरिका मुख्य रूप से हवाई और नौसैनिक हमले कर रहा था, लेकिन अब रणनीति में एक बड़ा और खतरनाक बदलाव देखने को मिल सकता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ईरान की जमीन पर अमेरिकी सेना उतारने के विकल्पों पर गंभीरता से विचार कर रहा है. 

जमीनी कब्जे का मास्टरप्लान

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका का सबसे बड़ा टारगेट ईरान का खार्ग द्वीप है, जहां से ईरान का 90% तेल निर्यात होता है. ट्रंप प्रशासन इस द्वीप पर जमीनी सेना भेजने पर चर्चा कर रहा है. शनिवार को भी इस द्वीप पर अमेरिकी हमले हुए थे, जिसके बाद ट्रंप ने चेतावनी दी कि वह मजे के लिए इसे कुछ और बार निशाना बना सकते हैं. इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों का सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए ईरान के समुद्री तटों पर भी अमेरिकी सैनिक तैनात किए जा सकते हैं.

मिशन यूरेनियम

एक और चौंकाने वाली योजना ईरान के संवर्धित यूरेनियम भंडारों को सुरक्षित करने से जुड़ी है. अमेरिका इसके लिए विशेष सैन्य बलों को उतारने पर विचार कर रहा है. हालांकि, विशेषज्ञ मानते हैं कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को देखते हुए यह कदम बेहद खतरनाक होगा.

आंकड़ों में ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की तबाही:

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के ताजा डेटा के मुताबिक, इस युद्ध का स्केल बहुत बड़ा हो चुका है:

  • 50,000 सैनिक: वर्तमान में मध्य-पूर्व में तैनात हैं और इस पूरे ऑपरेशन की देखरेख कर रहे हैं।
  • 7,800+ हमले: 28 फरवरी से अब तक अमेरिकी सेना ईरान पर 7,800 से अधिक घातक हमले कर चुकी है.
  • 120+ जहाज तबाह: ईरानी नौसेना को नेस्तनाबूद करते हुए अब तक 120 से ज्यादा जहाजों को या तो पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है या भारी नुकसान पहुंचाया गया है.

परमाणु हथियार बनाने से रोकना लक्ष्य

व्हाइट हाउस का स्पष्ट कहना है कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का मुख्य लक्ष्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल और नौसेना क्षमता को पूरी तरह खत्म करना और उसे परमाणु हथियार बनाने से रोकना है. हालांकि, अभी जमीनी सेना भेजने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है, लेकिन ट्रंप ने सभी विकल्प खुले रखे हैं.