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India Daily

'नशेड़ी और आत्मघाती हमलावर थे', अफगानिस्तान के अस्पताल पर हमले को लेकर पाकिस्तान का चौंकाने वाला बयान, 400 लोगों की हुई मौत

अफगान की तालिबान सरकार ने हमलों को निर्दोष लोगों पर हमला बताया है. काबुल के अनुसार, एक पुनर्वास अस्पताल को निशाना बनाया गया, जिसमें करीब 400 लोगों की मौत हुई.

Anuj
Edited By: Anuj
'नशेड़ी और आत्मघाती हमलावर थे', अफगानिस्तान के अस्पताल पर हमले को लेकर पाकिस्तान का चौंकाने वाला बयान, 400 लोगों की हुई मौत

नई दिल्ली: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है. पाकिस्तान के इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने आरोप लगाया है कि अफगान की तालिबान सरकार आतंकियों को सरकारी ढांचे में छिपा रही है.

यह बयान तब आया जब पाकिस्तान ने 'ऑपरेशन गजब लिल हक' के तहत अफगानिस्तान में हवाई हमले किए. वहीं, काबुल ने इन हमलों को नागरिकों पर हमला बताते हुए सैकड़ों लोगों के मारे जाने का दावा किया है.

पाकिस्तान का गंभीर आरोप

पाकिस्तान का कहना है कि उसने जिन ठिकानों को निशाना बनाया, वे आतंकियों से जुड़े थे. ISPR प्रमुख ने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई. उन्होंने अफगानिस्तान के नागरिक के हताहतों होने के दावों को खारिज किया.  उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि मारे गए अफगान नागरिक नशेड़ी थे, आतंकवादी थे या आत्मघाती हमलावर थे. उन्होंने आगे कहा कि वे इन नशेड़ियों का इस्तेमाल आतंकवाद के लिए करते हैं.

अफगानिस्तान का पलटवार

अफगान सरकार ने इन हमलों को निर्दोष लोगों पर हमला बताया है. काबुल के अनुसार, एक पुनर्वास अस्पताल को निशाना बनाया गया. इस दावे से विवाद और बढ़ गया है. 

वहीं, पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई सीमा पर बढ़ते हमलों के जवाब में की गई. अधिकारियों के मुताबिक, हमले काबुल और नंगरहार में किए गए. दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से हालात और बिगड़ सकते हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति नहीं संभली, तो यह संघर्ष क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ा सकता है.

काबुल अस्पताल पर हमले का विवाद

सोमवार को काबुल के ओमिद अस्पताल पर हुए हवाई हमले ने तनाव चरम पर पहुंचा दिया. अफगानिस्तान का दावा है कि पाकिस्तान के हमलों में 408 लोग मारे गए और 265 घायल हुए. अस्पताल में नशामुक्ति के मरीज थे. पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कहा कि निशाना सैन्य ठिकाने थे, नागरिक नहीं. अफगान अधिकारियों ने दावा किया कि हमले में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई.

सामूहिक अंतिम संस्कार और गुस्सा

हमले के बाद काबुल में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया. बुलडोजर से कब्रें खोदी गईं और पीड़ितों को एक साथ दफनाया गया. स्थानीय लोग और अधिकारी गुस्से में हैं. अफगानिस्तान ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया. पाकिस्तान का कहना है कि उसके हमले आतंकी ठिकानों पर थे और मौतों के दावे दुष्प्रचार हैं. दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, जिससे सीजफायर की सार्थकता पर सवाल उठ रहे हैं.