नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका को लेकर एक अहम और चौंकाने वाला घटनाक्रम सामने आया है. संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका ने फिलहाल ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना को टाल दिया है. इसी वजह से क्षेत्र में कुछ ऐसे बदलाव देखे जा रहे हैं, जो तनाव कम होने की ओर इशारा करते हैं. एक तरफ कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हालात सामान्य होने लगे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान ने अपना हवाई क्षेत्र दोबारा खोल दिया है.
रिपोर्ट के अनुसार, कतर के अल उदीद एयर बेस से जिन अमेरिकी विमानों को हाई अलर्ट के दौरान हटाया गया था, वे अब धीरे-धीरे वापस लौटने लगे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार को जारी की गई सुरक्षा चेतावनी के बाद अब वहां खतरे का स्तर घटा दिया गया है. जिन अमेरिकी कर्मचारियों को अस्थायी रूप से बेस छोड़ने की सलाह दी गई थी, उन्हें भी वापस लौटने की अनुमति मिल गई है. इससे साफ है कि फिलहाल हालात पहले जैसे गंभीर नहीं माने जा रहे हैं.
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान भी पहले की तुलना में कुछ नरम नजर आ रहे हैं. ट्रंप ने हाल ही में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई में मौतों की संख्या अब कम हो रही है. उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल बड़े पैमाने पर फांसी देने की कोई योजना नहीं है. इससे पहले ट्रंप ईरान को लेकर काफी सख्त बयान देते रहे थे, लेकिन अब उन्होंने “वेट एंड वॉच” यानी इंतजार करो और देखो की नीति अपनाने के संकेत दिए हैं.
ईरान की ओर से भी कुछ राहत भरे संकेत सामने आए हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने साफ किया है कि देश में किसी भी व्यक्ति को फांसी देने की कोई योजना नहीं है. ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, करज शहर में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 26 साल के युवक को मौत की सजा नहीं दी जाएगी. इसके अलावा मानवाधिकार संगठन हेंगॉ ने भी पुष्टि की है कि प्रदर्शनकारी इरफान सोलतानी की प्रस्तावित फांसी फिलहाल रोक दी गई है. इस खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह अच्छी खबर है और उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी.
तनाव के बीच ईरान ने एक और अहम कदम उठाते हुए करीब पांच घंटे बाद अपना हवाई क्षेत्र दोबारा खोल दिया. अमेरिका और ईरान के बीच टकराव की आशंका के चलते ईरान ने बुधवार देर शाम अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था. इसकी वजह से कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा या उनके रास्ते बदलने पड़े. फ्लाइट ट्रैकिंग सेवा के अनुसार, एयरस्पेस खुलते ही ईरानी एयरलाइंस की उड़ानें फिर से शुरू हो गई.
हालांकि, इन सभी घटनाओं से यह जरूर लगता है कि फिलहाल तनाव में कुछ कमी आई है, लेकिन यह पूरी तरह साफ नहीं है कि अमेरिका ने ईरान पर हमले का विचार हमेशा के लिए छोड़ दिया है. सोशल मीडिया पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि अमेरिका ने आखिरी समय पर हमला टाल दिया, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका इस समय सीधे युद्ध में जाने के बजाय दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना सकता है. मिडिल ईस्ट की स्थिति अब भी बेहद संवेदनशील है और किसी भी वक्त हालात बदल सकते हैं.