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बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका! ईरान से तनाव के बीच मिडिल ईस्ट भेजा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप

इस पूरे बेड़े को मिडिल ईस्ट पहुंचने में लगभग एक हफ्ते का समय लग सकता है. यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका! ईरान से तनाव के बीच मिडिल ईस्ट भेजा एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप
Courtesy: @yashar

ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शनों और अमेरिका-ईरान के बीच गहराते तनाव के बीच अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी रक्षा मुख्यालय पेंटागन ने दक्षिण चीन सागर में तैनात एक एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप को मिडिल ईस्ट भेजने का फैसला किया है. यह तैनाती अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के क्षेत्र में की जा रही है, जिसमें मिडिल ईस्ट समेत कई अहम इलाके आते हैं.

कौन सा कैरियर भेजा जा रहा है

रिपोर्ट के मुताबिक, इस स्ट्राइक ग्रुप का केंद्र यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर है. इसके साथ कई युद्धपोत और कम से कम एक अटैक सबमरीन भी शामिल है. इस पूरे बेड़े को मिडिल ईस्ट पहुंचने में लगभग एक हफ्ते का समय लग सकता है. यह कदम क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी को मजबूत करने के तौर पर देखा जा रहा है.

ईरान में हालात क्यों चिंताजनक

ईरान इस समय गंभीर आंतरिक संकट से गुजर रहा है. बढ़ती महंगाई, आर्थिक परेशानियों और शासन को लेकर जनता के गुस्से के कारण देशभर में सरकार विरोधी प्रदर्शन चल रहे हैं. कई शहरों में लगातार रैलियां हो रही हैं और हालात काबू में नहीं दिख रहे. इन्हीं परिस्थितियों के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्ते और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं.

CENTCOM का दायरा और अहमियत

अमेरिकी सेंट्रल कमांड का इलाका करीब 40 लाख वर्ग मील में फैला हुआ है. इसमें मिडिल ईस्ट, पूर्वोत्तर अफ्रीका, मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के 21 देश शामिल हैं. इनमें ईरान, इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और मिस्र जैसे देश भी आते हैं. ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य हलचल का असर पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है.

सुरक्षा को लेकर बढ़ी सतर्कता

तनाव के बीच अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपने ठिकानों पर भी सतर्कता बढ़ा दी है. कतर स्थित अल उदैद एयरबेस से कुछ कर्मचारियों को एहतियातन हटने की सलाह दी गई है. वहीं, सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सावधानी बरतने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने को कहा है.

क्षेत्रीय देशों की बढ़ी चिंता

ईरान के पड़ोसी देश भी हालात को लेकर चिंतित हैं. उन्हें डर है कि किसी भी सैन्य कार्रवाई से पूरा इलाका अस्थिर हो सकता है और इसका असर सुरक्षा व अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. इसी कारण कई देशों ने अमेरिका से सीधे संपर्क कर अपनी चिंता जाहिर की है.